एसआईआर के जरिये मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया गया : मुख्य निर्वाचन आयुक्त
हर्ष रवि कांत
- 04 Jul 2026, 09:32 PM
- Updated: 09:32 PM
इंदौर, चार जुलाई (भाषा) भारत की निर्वाचन प्रणाली को विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय चुनावी प्रक्रियाओं में से एक बताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिये मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया गया है।
वह इंदौर में बूथस्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग का विशेष ध्यान बुजुर्गों, दिव्यांग जनों, प्रवासी श्रमिकों, निरक्षर नागरिकों और वंचित समुदायों तक मतदाता सेवाएं पहुंचाने पर केंद्रित है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ''यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी अपात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो। इसके लिए एसआईआर का अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया।''
कुमार ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के तहत अनुपस्थित, मृत, स्थानांतरित, 'डुप्लिकेट' और अपात्र मतदाताओं को चिन्हित करके मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया गया है।
उन्होंने कहा," एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची को शुद्ध करना संविधान के अनुच्छेद-326 के अनुरूप निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है।"
कुमार ने कहा कि भारत की चुनावी प्रणाली विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय निर्वाचन प्रक्रियाओं में से एक है।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रणाली की इन्हीं खूबियों के चलते भारत फिलहाल 'इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस' (इंटरनेशनल आईडीईए) की अध्यक्षता कर रहा है।
इंटरनेशनल आईडीईए, विश्व के 35 प्रमुख लोकतांत्रिक देशों का अंतर-सरकारी संगठन है जो दुनिया भर में लोकतंत्र का समर्थन करता है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत में स्वैच्छिक मतदान होने के बावजूद मतदान का प्रतिशत अनिवार्य मतदान वाले कई देशों से अधिक रहता है 'जो भारतीय लोकतंत्र पर जनता के विश्वास का प्रमाण है।'
उन्होंने बीएलओ को 'लोकतंत्र के सच्चे प्रहरी' बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में उनकी भूमिका की तारीफ की। कुमार ने कहा कि सुदूर आदिवासी इलाकों और जंगलों से घिरे क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले बीएलओ विशेष सराहना के पात्र हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा,''सशक्त मतदाता ही सशक्त लोकतंत्र की नींव हैं।''
उन्होंने मध्यप्रदेश में एसआईआर के तहत हुए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने इस प्रक्रिया को उत्कृष्ट, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करके समूचे देश के लिए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कुमार ने कहा, ''जिस दक्षता और पारदर्शिता के साथ एसआईआर का काम मध्यप्रदेश में हुआ है, वैसा उदाहरण देश के अन्य राज्यों में दुर्लभ है।''
इस कार्यक्रम में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा भी मौजूद थे।
भाषा
हर्ष रवि कांत
0407 2132 इंदौर