दक्षिण गुजरात में भारी बारिश, आईएमडी का कहना- मानसून के और आगे बढ़ने के लिए हालात अनुकूल
सुरेश
- 03 Jul 2026, 11:04 PM
- Updated: 11:04 PM
अहमदाबाद, तीन जुलाई (भाषा) दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के बीच शुक्रवार को गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और जनजीवन प्रभावित हुआ।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा कि मानसून उत्तर अरब सागर और गुजरात के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ चुका है तथा इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
आईएमडी ने राज्य के कुछ हिस्सों में तीन से छह जुलाई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश, छह से आठ जुलाई के दौरान भारी बारिश तथा नौ जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम आठ बजे तक 14 घंटों में राज्य के 26 तालुकों में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि इनमें से 15 तालुकों में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई।
यह स्थिति, विशेषकर जूनागढ़, तापी, नवसारी, डांग और गिर सोमनाथ जिलों में देखने को मिली।
एसईओसी के आंकड़ों के अनुसार, जूनागढ़, डांग और सूरत जिले भारी बारिश से प्रभावित रहे। मंगरोल में 14 घंटों में 498 मिमी और मालिया हटिना में 355 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भारी बारिश के कारण मालिया हटिना में मेघल नदी उफान पर आ गई, जिससे आसपास के गांवों के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। सौराष्ट्र के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर जाने के कारण वाहन फंस गए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नवसारी जिले में एक राज्य राजमार्ग जलमग्न हो गया, जबकि वांसदा, चिखली और गणदेवी तालुकों के निचले इलाकों में कई घरों में पानी घुस गया।
भारी बारिश के बीच, अरब सागर में मछुआरों को न जाने की चेतावनी देने वाले संकेत कई बंदरगाहों पर लगाए गए, क्योंकि तेज हवाओं और ऊंची लहरों की संभावना जताई गई है।
गिर सोमनाथ जिले के वेरावल और प्रभास पाटन कस्बों के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों की दुकानों और घरों में पानी भर गया।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में अब तक औसत वर्षा का केवल 8.46 प्रतिशत ही दर्ज हुआ है, जिसमें दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र जिलों में सबसे अधिक बारिश हुई है।
उन्होंने बताया कि राज्य के 206 जलाशयों में पानी उनकी कुल क्षमता का लगभग 36 प्रतिशत है, जबकि भारी बारिश के चलते इनमें से दो जलाशयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
भाषा
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