अल्प वर्षा की चुनौती से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार : मुख्यमंत्री साय
अमित
- 04 Jul 2026, 12:04 AM
- Updated: 12:04 AM
रायपुर, तीन जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को खरीफ-2026 और संभावित अल्प वर्षा की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की और कहा कि सरकार हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने आज अपने निवास कार्यालय में खरीफ मौसम-2026 के दौरान संभावित अल्प वर्षा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग तथा विकसित भारत-बीवी-जी राम जी योजना की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
बैठक में मौसम की संभावित स्थिति, खाद एवं बीज की उपलब्धता, जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती तथा ग्रामीण रोजगार से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी परिस्थिति में उन्हें खाद, बीज, तकनीकी मार्गदर्शन अथवा आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार रखें। उन्होंने कहा कि सरकार अल्प वर्षा की हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
साय ने कहा कि हाल ही में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से छत्तीसगढ़ के किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप अतिरिक्त डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 46 हजार टन से अधिक डीएपी की आपूर्ति प्राप्त हुई है, जो सामान्य से अधिक है।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होगा तथा खरीफ मौसम की तैयारियों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान की फसल के लिए आवश्यक सिंचाई जल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से वर्षा आधारित क्षेत्रों में जल स्रोतों का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाए जिससे आवश्यकता पड़ने पर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिया कि किसानों को कम और मध्यम अवधि में पकने वाली धान की किस्मों, डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर), कतार पद्धति से बुवाई, बीज उपचार, नमी संरक्षण तथा वैज्ञानिक खेती की आधुनिक तकनीकों के प्रति व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि साथ ही उच्च भूमि वाले क्षेत्रों में दलहन एवं तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे किसानों को बेहतर आय के अवसर प्राप्त हों और कृषि जोखिम कम हो।
उन्होंने अमानक बीज और उर्वरकों की बिक्री तथा कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संभावित अल्प वर्षा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जल संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाएगा।
उन्होंने 'मोर गांव मोर पानी' अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए वर्षा जल संरक्षण, खेत तालाब, जल संरचनाओं के निर्माण तथा भूजल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिया आकाशीय बिजली जैसी प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की सुरक्षा के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा विकसित 'सचेत', 'दामिनी' और 'मेघदूत' मोबाइल ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे समय पर मौसम संबंधी जानकारी किसानों तक पहुंच सके।
अधिकारियों ने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भाषा संजीव अमित
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