गुजरात पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया
माधव
- 03 Jul 2026, 08:24 PM
- Updated: 08:24 PM
गांधीनगर, तीन जुलाई (भाषा) गुजरात साइबर अपराध पुलिस ने विभिन्न साइबर ठगी के मामलों से जुड़े 'म्यूल' खाते खोलने और उनके संचालन करने में कथित संलिप्तता से जुड़े मामले में 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने ऐसे बैंक खाते खोले और संचालित किए, जो एक साइबर अपराध नेटवर्क का हिस्सा थे।
अधिकारियों ने बताया कि इन खातों के जरिए कई सौ करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया, जिसके कारण देशभर में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हुईं।
पुलिस अधीक्षक (सीसीओई) राजदीपसिंह झाला ने बताया कि सीआईडी अपराध के गुजरात साइबर क्राइम ऑफ एक्सीलेंस (सीसीओई) ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने कहा, "गिरफ्तार लोगों में अहमदाबाद के विशाल डोडिया भी शामिल हैं। 'चामुंडा कम्युनिकेशन' के नाम से खोले गए बैंक खाते में साइबर अपराध से अर्जित 161 करोड़ रुपये जमा हुए थे। डोडिया ने खाते खोले और उनसे जुड़ी पूरी किट दुबई में रहने वाले अपने एक मित्र को सौंप दी थी। पैसे के लेन-देन में इस्तेमाल हुए सभी आईपी एड्रेस विदेश आधारित थे।"
उन्होंने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि डोडिया ने कमीशन के लिए खाते खोले थे, जबकि उनका वास्तविक संचालन भारत के बाहर से किया जा रहा था।
झाला ने बताया कि इन खातों के जरिए देश के 22 राज्यों में 253 अपराध दर्ज किए गए, जिनमें महाराष्ट्र में 56, कर्नाटक में 28 और गुजरात में 23 मामले शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "भावनगर सहकारी बैंक की हैकिंग के एक अन्य मामले में बैंक को 7 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ था। जांच में पता चला कि यह रकम 139 अलग-अलग खातों में भेजी गई थी। इनमें से एक खाता सूरत के मोहम्मद खालिद गुलाम हुसैन का था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। सूरत का ही सोएब राणा इस खाते का संचालन करता थे। उसे भी हिरासत में लिया गया है।"
साइबर पुलिस टीम इससे पहले आणंद जिले में एक 'म्यूल नेटवर्क' का भंडाफोड़ कर चुकी है और इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
झाला ने कहा कि इस मामले के मुख्य आरोपी अहमदाबाद निवासी अफजल पीर मोहम्मद मंसूरी इन दस आरोपियों के खातों के संचालक के रूप में काम करता था।
उन्होंने बताया कि इस अपराध की जांच के साइबर ठगी की 132 से अधिक घटनाओं का पता चला, जिनमें इन खातों के जरिए 53 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन किया गया था।
सीसीओई ने एक बयान में कहा, "पिछले एक महीने में टीम ने इस अभियान के तहत कुल 55 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी देशभर में दर्ज 1,117 साइबर ठगी के मामलों से जुड़े थे, जिनमें 802 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई थी।" भाषा जोहेब माधव
माधव
0307 2024 गांधीनगर