दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2026 अधिसूचित की
अजय
- 01 Jul 2026, 09:47 PM
- Updated: 09:47 PM
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने बुधवार को 'दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026' अधिसूचित कर दिया है। इस नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपनाना, हवा की गुणवत्ता में सुधार करना और इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए एक सहायक तंत्र तैयार करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली मंत्रिमंडल ने सोमवार को ईवी नीति को मंजूरी दी थी, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के पास भेजा गया था।
अधिसूचना में कहा गया, ''...मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल एक जुलाई, 2026 से प्रभावी दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 अधिसूचित करते हैं।''
दिल्ली सरकार ने नई ईवी नीति के तहत राष्ट्रीय राजधानी में 30 लाख रुपये या उससे कम शोरूम कीमत वाली सभी पंजीकृत इलेक्ट्रिक कारों को सड़क कर तथा पंजीकरण शुल्क में पूर्ण छूट देने की घोषणा की है।
इसके अलावा, एक जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक तिपहिया का ही पंजीकरण किया जाएगा। वहीं, नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा और एक अप्रैल, 2028 से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण होगा।
नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने वालों को पहले वर्ष 30,000 रुपये, दूसरे वर्ष 20,000 रुपये और तीसरे वर्ष 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "नई ईवी नीति बैटरी पुनर्चक्रण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी महत्व देती है। पर्यावरण विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि सभी वाहन विनिर्माता और संबंधित संस्थाएं बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का पालन करें।"
उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बैटरी संग्रह केंद्र विकसित करेगी और पुरानी बैटरियों के सुरक्षित संग्रह, भंडारण, परिवहन और अधिकृत पुनर्चक्रण इकाइयों को हस्तांतरण के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) अधिसूचित करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ईवी नीति स्वच्छ हवा, आधुनिक परिवहन, ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
राज्य सरकार इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने और वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए अगले चार साल में लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, और राष्ट्रीय राजधानी में 30,000 से अधिक ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे।
गुप्ता ने एक बयान में कहा, "वित्तीय प्रोत्साहनों, एक मजबूत चार्जिंग नेटवर्क, संस्थागत निरीक्षण, डिजिटल पारदर्शिता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से, यह नीति दिल्ली को देश में इलेक्ट्रिक परिवहन के लिए एक अग्रणी मॉडल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह प्रदूषण को कम करने, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और नागरिकों को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली प्रदान करने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।"
नई ईवी नीति में दिए गए विवरण के अनुसार, दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों को आवेदन करने के 60 दिन के भीतर सब्सिडी मिल जाएगी। इनमें 2.25 लाख रुपये तक की कीमत वाले दोपहिया वाहन शामिल हैं।
भाषा नोमान नोमान अजय
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