बेन स्टोक्स को संन्यास के फैसले पर कोई पछतावा नहीं
नमिता
- 29 Jun 2026, 10:14 PM
- Updated: 10:14 PM
लंदन, 29 जून (एपी) बेन स्टोक्स का कहना है कि उन्हें इंग्लैंड के साथ अपने 15 साल के क्रिकेट करियर को खत्म करने के फैसले पर कोई पछतावा नहीं है।
उन्होंने कहा, ''बस, हो गया। ''
स्टोक्स ने रविवार को नॉटिंघम में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के बीच में यह घोषणा करके क्रिकेट जगत को चौंका दिया कि यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था।
इंग्लैंड की जर्सी में उनका आखिरी दिन सोमवार को था जब न्यूजीलैंड ने 160 रन से जीत हासिल कर सीरीज 2-1 से अपने नाम की। स्टोक्स ने इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम के बाहर बालकनी में मैच खत्म होते हुए देखा।
संन्यास की घोषणा के एक दिन बाद बीबीसी ने स्टोक्स से पूछा कि क्या वह अगले साल घरेलू एशेज सीरीज में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले मुकाबले को सोफे पर बैठकर देखने में खुशी महसूस कर रहे होंगे।
स्टोक्स ने कहा, ''मैं अभी हर चीज से बहुत खुश और संतुष्ट हूं। यह कोई ऐसा फैसला नहीं है जो आप हल्के-फुल्के ढंग से ले लें। इसमें काफी समय लगा है। मैंने अपने करीबी लोगों से बात की है। ''
उन्होंने कहा, ''बस, हो गया, और मैं बहुत खुश हूं। ''
स्टोक्स का संन्यास का फैसला कुछ हफ्तों की हलचल भरी घटनाओं के बाद आया जिसमें उन्होंने लॉर्ड्स में पहले टेस्ट में इंग्लैंड को जीत दिलाई। फिर टीम के एक साथी के साथ बाहर गए और एक नाइटक्लब में मौजूद थे जहां कथित तौर पर इंग्लैंड की सुरक्षा टीम के एक सदस्य को इंग्लिश क्लब सारासेन्स के एक रग्बी खिलाड़ी ने मारा था।
अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन करने के कारण स्टोक्स को दूसरे टेस्ट से बाहर कर दिया गया था। जांच पूरी होने के बाद वह तीसरे टेस्ट के लिए लौटे।
उन्होंने हाल की घटनाओं को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'दिलचस्प' बताया। उन्होंने माना कि 'शायद' इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ने के उनके फैसले में भूमिका निभाई।
स्टोक्स ने कहा, ''लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले छह से 12 महीनों में, मुझे लगता है कि मैंने जो कुछ भी किया है, उसका असर मुझ पर पड़ा है। ''
उन्होंने कहा, ''कप्तान की भूमिका में होना कितना अच्छा है, कितना रोमांचक है, कितना बड़ा सम्मान है। इसके कुछ नकारात्मक पहलू भी हैं। मुझे लगता है कि यह वह दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है जिसे लोग हमेशा नहीं देख पाते हैं। ''
स्टोक्स के साथ आखिर तक विवाद जुड़े रहे। स्टोक्स पिछले 15 साल में इंग्लैंड के लिए एक अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 50 ओवर और टी20 प्रारूप में टीम की विश्व कप जीत में अहम भूमिका निभाई और 2022 से टेस्ट टीम की कप्तानी की।
उनकी कप्तानी में 'बैजबॉल' दौर आया जिसने खेल के सबसे लंबे और पुराने प्रारूप को खेलने का तरीका ही बदल दिया।
वह मैदान के बाहर भी सुर्खियों में रहे, खासकर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने और 2018 में ब्रिस्टल में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय मैच में जीत के बाद देर रात हुई सड़क पर मारपीट की घटना में शामिल होने के बावजूद सार्वजनिक स्थान पर झगड़ा करने के आरोप से बरी होने के कारण।
स्टोक्स ने कहा, ''शायद मैं इस हफ्ते को याद करके थोड़ा हंस सकता हूं कि इंग्लैंड के लिए मेरे आखिरी मैच को लेकर थोड़ा विवाद हुआ था, लेकिन मुझे लगता है कि आप इसे एक खिलाड़ी के तौर पर मेरे पूरे करियर से जोड़कर देख सकते हैं। ''
एपी नमिता
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