लागत से कम दाम पर बिकवाली से सोयाबीन तेल-तिलहन, पाम-पामोलीन में गिरावट
अजय
- 29 Jun 2026, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
नयी दिल्ली, 29 जून (भाषा) आयातित खाद्य तेलों की लागत से कम दाम पर बिकवाली के कारण सोमवार को सोयाबीन तेल-तिलहन तथा पाम-पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। उपलब्धता काफी कम होने के बीच दाम ऊंचा बोले जाने से बिनौला तेल में सुधार आया। जबकि मांग बेहद कमजोर रहने के बीच सामान्य एवं सुस्त कामकाज के कारण सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।
मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे सुधार के साथ बंद हुआ। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ जारी है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि लागत से नीचे बिकवाली पूरे तेल-तिलहन बाजार को प्रभावित कर रही है और सरकार को इसे सुधारने के बारे में और गंभीर होने की जरूरत है। इससे देश की विदेशी मुद्रा का नुकसान है, बैंकों का कर्ज डूबने का खतरा है। स्थिति ऐसी ही बनी रही तो पुराने आयातक हटते जायेंगे और नये आयातकों के लिए आगे बाहर होने का अंदेशा होगा।
उन्होंने कहा कि सोयाबीन डीगम तेल के बंदरगाह पर पहुंचने की लागत (लैंडिंग कॉस्ट) 122 रुपये 10 पैसे किलो बैठती है। इसमें कोई मुनाफा शामिल नहीं है, कार्यालय का खर्च, स्टॉफ, परिवहन का खर्च आदि शामिल नहीं है। धन की कमी की मजबूरी के कारण आयातक माल रोककर मुनाफे की स्थिति का इंतजार नहीं करते और बैंकों में अपना ऋण साखपत्र प्रचलन में बनाये रखने के लिए अपने पुराने सौदे सस्ते में बेचकर आगे के सौदों के लिए तैयारी में जुट जाते हैं। अगर स्टॉफ का खर्च के साथ बाकी अन्य खर्चो को जोड़े तो यह लागत 124 रुपये किलो बैठनी चाहिये। लेकिन पैसों की तंगी की वजह से यही आयातक इस तेल को रिफाइनिंग कंपनियों को 119 रुपये किलो के भाव बेच रहे हैं।
सूत्रों ने कहा कि यही काम, रिफाइनिंग कंपनियां भी कर रही हैं। 119 रुपये किलो खरीदने और रिफाइनिंग के बाद मुनाफा सहित उनकी लागत 144 रुपये किलो बैठनी चाहिये और वे व्यापारियों को 142-143 रुपये किलो के दाम पर इसे बेच रही हैं।
आगे के ऊंचे दाम पर (फावर्ड) सौदा कर चुके ये व्यापारी भी 142-143 रुपये में खरीद करने के बाद अपना माल लगभग 141 रुपये किलो के भाव बेच दे रहे हैं।
यही स्थिति पामोलीन के साथ भी है जिसकी वजह से आज सोयाबीन तेल-तिलहन और पाम-पामोलीन के दाम में गिरावट है।
सूत्रों ने कहा कि नगण्य उपलब्धता के बीच दाम ऊंचा बोले जाने से बिनौला तेल कीमतों में सुधार है। सुस्त कामकाज के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन स्थिर हैं।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,575-7,600 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,675-7,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,575 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,485-2,785 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,575 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,575-2,675 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,575-2,720 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,350 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,900 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,700 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,425 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 14,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 7,000-7,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 6,850-6,925 रुपये प्रति क्विंटल।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय
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