तमिलनाडु के मंत्री के पुराने वीडियो पर मचा बवाल, विपक्ष ने की कार्रवाई की मांग
नरेश
- 29 Jun 2026, 04:06 PM
- Updated: 04:06 PM
चेन्नई, 29 जून (भाषा) तमिलनाडु के एक मंत्री का दो साल पुराना वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
वीडियो में मंत्री डी. शरत कुमार कथित तौर पर एक 'गोली' को कुचलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज कर दी है, वहीं द्रमुक ने सोमवार को पूरे तमिलनाडु में प्रदर्शन करते हुए मंत्री डी. शरत कुमार के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री की चुप्पी और इस मामले पर मीडिया के सामने आकर स्पष्टीकरण नहीं देने के लिए उनकी आलोचना की। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मंत्री शरत कुमार को मंत्रिमंडल से नहीं हटाया जाता और सरकार आधिकारिक सफाई नहीं देती, तब तक आंदोलन पूरे राज्य में और तेज किया जाएगा।
चेन्नई के एग्मोर स्थित राजारत्नम स्टेडियम के पास उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब पुलिस ने द्रमुक के छात्र संगठन को प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
एक अधिकारी के अनुसार, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में 20 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया जिन्हें शाम तक रिहा किए जाने की संभावना है।
उधर, तिरुनेलवेली में 250 से अधिक द्रमुक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया जबकि वेल्लोर में भी बढ़ते तनाव के बीच 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।
चेन्नई में प्रदर्शन में शामिल द्रमुक विधायक पी. के. एस बाबू ने पत्रकारों से कहा,''तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री के आदेश पर यदि एक स्थान पर होने वाले प्रदर्शन को चेन्नई में तीन अलग-अलग स्थानों पर करने के बावजूद गिरफ्तारियां की जा रही हैं, तो इससे हमारा आंदोलन और मजबूत होगा।''
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के अनुरोध पर द्रमुक ने प्रदर्शन का स्थान बदलकर राजारत्नम स्टेडियम कर दिया लेकिन इसके बावजूद एग्मोर पुलिस ने मंच तैयार कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और प्रदर्शन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को जब्त कर लिया।
उन्होंने मांग की कि मंत्री डी. शरत कुमार का कोकीन सेवन की जांच के लिए मेडिकल परीक्षण कराया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार के मंत्रिमंडल में कथित रूप से नशीले पदार्थों का सेवन करने वाला व्यक्ति शामिल है, तो मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में आयोजित नशा विरोधी मैराथन का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
यह विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें शरत कुमार अपनी पत्नी और बेटी के साथ आईपीएल मैच देखते दिखाई दे रहे हैं और इसी दौरान वह एक ''गोली'' का इस्तेमाल करते हैं।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट में मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री बनाए गए शरत कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया कि वह कोई नशीला पदार्थ था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी मैच के दौरान अस्वस्थ हो गई थीं, इसलिए उन्होंने दवा की 'गोली' को पीस कर पाउडर के रूप में देने के लिए 'गोली' को कुचला था। उन्होंने कहा कि यह उनकी बेटी की दवा थी, न कि कोई नशीला पदार्थ, जैसा कि सोशल मीडिया पर गलत तरीके से दावा किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि यह दो साल पुराना वीडियो है, जिसे अब फिर से फैलाया जा रहा है।
इस बीच डीएमडीके की महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने वायरल वीडियो को लेकर मंत्री की आलोचना की और कहा कि इस तरह की विवादास्पद तस्वीरें या वीडियो बेहद निंदनीय हैं।
उन्होंने पत्रकारों से कहा ''जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण में संयम और जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।''
यह वीडियो ऐसे दिन फिर से सामने आया जब 26 जून, यानी अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ एवं अवैध तस्करी निरोध दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'नशामुक्त तमिलनाडु' के लिए एक मैराथन को हरी झंडी दिखाई थी।
प्रेमलता ने कहा कि भले ही यह घटना उस समय की है जब शरत कुमार मंत्री नहीं थे, लेकिन अब मंत्री होने के नाते जनता उनके हर कदम पर नजर रख रही है और जनप्रतिनिधियों को अपने दायित्व और जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।
भाषा शोभना नरेश
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