भीषण गर्मी से बच्चों की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने जारी की विशेष दिग्दर्शिका
खारी
- 28 Jun 2026, 06:32 PM
- Updated: 06:32 PM
लखनऊ, 28 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों में विद्यार्थियों को गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव और उनके प्रति जागरूक करने के लिए एक विस्तृत दिग्दर्शिका जारी की है।
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा के निर्देश पर तैयार इस दिग्दर्शिका का उद्देश्य शिक्षकों को लू लगने के लक्षणों की पहचान, लू से बचाव, प्राथमिक उपचार तथा विद्यार्थियों की प्रभावी सुरक्षा के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यावहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि दिग्दर्शिका में स्पष्ट किया गया है कि भीषण गर्मी और लू से विद्यार्थियों की सुरक्षा में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इसके तहत शिक्षक प्रार्थना सभा, कक्षा शिक्षण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और विद्यालय की दैनिक दिनचर्या के माध्यम से विद्यार्थियों को भीषण गर्मी और लू से बचाव के उपायों की जानकारी देंगे।
दिग्दर्शिका के अनुसार, शिक्षकों को बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, तेज धूप से बचने, हल्के और सूती कपड़े पहनने, पानी से भरपूर फलों का सेवन करने तथा लू लगने के शुरुआती लक्षणों की पहचान के प्रति जागरूक करना होगा।
साथ ही विद्यार्थियों को यह भी सिखाया जाएगा कि यदि किसी सहपाठी की तबीयत बिगड़ती है तो वे तुरंत शिक्षक को इसकी सूचना दें।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी विद्यालयों में 'हीट एक्शन प्लान' तैयार करने के निर्देश दिए हैं जिसके लिए प्रत्येक विद्यालय में एक स्वास्थ्य नोडल शिक्षक नामित किया जाएगा और संबंधित गतिविधियों का समन्वय करेगा।
इसके अलावा शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे तथा विद्यालय परिसर में प्रमुख स्थानों पर भीषण गर्मी से बचाव संबंधी संदेश और आपातकालीन संपर्क नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे।
दिग्दर्शिका के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय में प्राथमिक उपचार किट, ओआरएस, डिजिटल थर्मामीटर तथा 108 एंबुलेंस सहित आवश्यक चिकित्सा संपर्क व्यवस्था उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसमें यह भी कहा गया है कि प्रार्थना सभा, खेलकूद, शारीरिक शिक्षा और अन्य बाहरी गतिविधियां सुबह 10 बजे से पहले आयोजित की जाएं। वहीं, गर्मी के 'ऑरेंज' या 'रेड' अलर्ट के दौरान सभी कठिन शारीरिक और बाहरी गतिविधियां स्थगित रखी जाएंगी।
अधिकारियों ने बताया कि विद्यालयों को गर्मी से जुड़ी घटनाओं का रिकॉर्ड रखने, नियमित समीक्षा करने, भारत मौसम विज्ञान विभाग के अलर्ट पर लगातार निगरानी बनाए रखने तथा समय-समय पर 'मॉक ड्रिल' आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
भाषा सलीम खारी
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