अगर राम मंदिर चंदा मामले में 'गंभीर अपराध' हुआ है तो दोषी को सज़ा मिले :विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी
राजकुमार
- 26 Jun 2026, 11:46 PM
- Updated: 11:46 PM
उडुपी (कर्नाटक), 26 जून (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर में दान में कथित गबन पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा 'गंभीर अपराध' नहीं होना चाहिए था और अगर आरोप सच पाए जाते हैं, तो इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों को उचित सजा मिलनी चाहिए।
उडुपी के अष्ट मठों में से एक श्री पेजावर अधोक्षज मठ के प्रमुख स्वामीजी ने कहा कि आरोपों से जुड़े तथ्य सामने आने चाहिए।
स्वामीजी ने अयोध्या के घटनाक्रम को लेकर संवाददाताओं द्वारा पूछे गए सवालों पर कहा, '' ट्रस्ट का सदस्य होने के नाते, मैं दूसरों की बातों के आधार पर अभी कुछ नहीं कह सकता। ट्रस्ट की 11 जुलाई को बैठक है, जिसमें मैं शामिल होऊंगा। मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद मैं आपके सामने सारी बातें रखूंगा।''
जब उनसे इस बारे में पूछा गया कि सिंधी समुदाय और शिवसेना (उबाठा)सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि उन्हें ट्रस्ट को दिए गए दान की कोई रसीद नहीं मिली तब उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा, ''जिन्होंने इतनी बड़ी रकम का दान दिया है, उन्हें रसीद लेनी चाहिए। यह दान लेने वाले और देने वाले, दोनों की जिम्मेदारी है। अगर रसीद नहीं दी गई, तो यह एक बड़ी गलती है।''
उन्होंने आरोपों की विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) से जांच का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी गड़बड़ी की अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों को सज़ा मिलनी चाहिए।
स्वामीजी ने कहा, ''अयोध्या में राम मंदिर सिर्फ एक-दो लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर के लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसी गंभीर घटना नहीं होनी चाहिए थी। अगर ऐसा हुआ है, तो निश्चित रूप से उचित सजा मिलनी चाहिए और घटना क्यों और कैसे हुई, इसके तथ्य सामने आने चाहिए।''
ट्रस्ट में ज्यादा व्यवस्थित तौर-तरीकों की ज़रूरत के सवाल पर स्वामीजी ने कहा कि उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर सुझाव दिए थे और उन्हें बताया गया था कि उन पर अमल किया गया है।
उन्होंने कहा,''लेकिन एक सदस्य के तौर पर मैं लगातार चीज़ों की निगरानी नहीं कर सकता... यह एक भरोसेमंद समिति है, इसलिए जब मुझे लगा कि कुछ करने की जरूरत है, तो मैं उन्हें बता देता था। उन पर जो भरोसा किया गया था, उसे बनाए रखा जाना चाहिए था।''
स्वामीजी ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सरकार मामले में उचित कदम उठाएगी।
इस बीच, अयोध्या के राम मंदिर में स्थापित रामलला के विग्रह को बनाने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई।
मैसुरु में उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में उम्मीद जताई कि आरोपों से जुड़ी सच्चाई जल्द ही सामने आएगी और भक्तों की आस्था की रक्षा की जानी चाहिए।
योगिराज ने कहा, ''अगर कुछ गलत हुआ है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी चीजें दोबारा न हों और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।''
भाषा धीरज राजकुमार
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