पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा के बंद से झारखंड के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित
खारी
- 11 Aug 2026, 11:00 AM
- Updated: 11:00 AM
रांची, 11 अगस्त (भाषा) झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राज्य विधानसभा की ओर मार्च कर रहे अभ्यर्थियों पर की गई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आहूत बंद से मंगलवार को राज्य के कुछ हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा।
राज्य के अधिकतर स्कूल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि राजधानी रांची सहित कई अन्य शहरों में वाहनों की आवाजाही बेहद कम रही।
पुलिस ने बताया कि रांची के किशोरगंज, अरगोड़ा और कांके इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कें जाम कर दीं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने हरमू चौक और किशोरगंज चौक पर टायर में आग लगा दी।
भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू ने बताया कि सोमवार को रांची में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा पानी की बौछार करने, आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज के विरोध में यह बंद बुलाया गया है जो सुबह आठ बजे से मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा और आवश्यक सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है।
भाजपा ने पुलिस की कार्रवाई को छात्रों के खिलाफ 'अत्याचार' करार दिया और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग कर रही है।
पार्टी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने की प्रदर्शनकारियों की मांग का भी समर्थन किया है।
इस बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और घोषणा की कि संगठन दिन के दौरान 'विधानसभा मार्च' निकालेगा।
एबीवीपी कार्यकर्ता पुरानी विधानसभा से नयी विधानसभा परिसर तक मार्च निकालेंगे।
रांची में सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति के बाद भाजपा ने बंद का आह्वान किया है। सोमवार को हजारों अभ्यर्थी विधानसभा मार्च में शामिल हुए थे। इस दौरान कई अवरोधक तोड़ दिए गए और प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों से झड़प भी हुई थी।
कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई से वे घायल हो गए जबकि रांची पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास पानी की बौछार की और जैसे ही प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़े उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए।
छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांगों में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जेपीएससी और जेएसएससी के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करना और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच कराना शामिल हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन मार्च के दौरान छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया और कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
उन्होंने झामुमो नीत सरकार पर छात्रों के प्रति ''तानाशाही'' रवैया अपनाने का आरोप लगाया और इसे ''बर्बर कार्रवाई'' बताया। उन्होंने इस कार्रवाई को रोकने की मांग की।
कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर बल प्रयोग की निंदा की।
उन्होंने कहा, ''छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है और केवल बातचीत से ही समाधान निकाला जा सकता है।''
राहुल ने झारखंड सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और उनकी शिकायतों का तत्काल समाधान करने की अपील की।
उनके बयान पर भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस झारखंड में हेमंत सोरेन नीत सरकार का हिस्सा होने के बावजूद दोहरे मापदंड अपना रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार को मान्यता देती है और उनकी मांगों पर गंभीरता तथा संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा।
सोरेन ने विपक्षी दलों के नेताओं पर आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और छात्रों से अपील की कि वे ''राजनीतिक जाल'' नहीं फंसें।
उन्होंने कहा कि सरकार भर्ती परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह बंद ऐसे समय में हुआ है जब भर्ती परीक्षा विवाद जांच के महत्वपूर्ण दौर में पहुंच गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई भर्ती परीक्षाओं खासकर जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में धनशोधन की जांच शुरू की।
एजेंसी ने राज्य अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की प्राथमिकी और अन्य शिकायतों तथा आरोपपत्रों के आधार पर सोमवार को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की।
एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में झारखंड सीआईडी ने कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया।
उनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में राज्य एजेंसी द्वारा गिरफ्तार लोगों की संख्या 20 हो गई है।
सेवानिवृत्त आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव खियांगते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है। खियांग्ते की गिरफ्तारी से एक दिन पहले जेपीएससी के तीनों मौजूदा सदस्यों - अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हंसदा और जमाल अहमद ने बढ़ते विरोध और सीआईडी जांच के बीच इस्तीफा दे दिया था।
इस बीच, नौ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) नेता देवेंद्रनाथ महतो की सोमवार के मार्च के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उनके रक्त शर्करा का स्तर काफी गिरने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई।
अपनी खराब तबीयत के बावजूद महतो एंबुलेंस से मार्च में शामिल हुए और बाद में प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आंदोलन को दबाने की कोशिश की और कहा कि वह छात्रों की मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
राज्य सरकार ने दोहराया कि वह प्रदर्शनकारियों की कई मांगों को पहले ही मान चुकी है।
भाषा सुरभि खारी
खारी
1108 1100 रांची