भाजपा ने 'आप' पर अकाल तख्त को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया
मनीषा
- 24 Jun 2026, 01:41 PM
- Updated: 01:41 PM
नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (आप) पर एक विवादित वीडियो से संबंधित निष्कर्षों को गलत साबित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट हासिल करके अकाल तख्त के प्राधिकार को कमजोर करने की कोशिश का बुधवार को आरोप लगाया।
भाजपा ने मान और इस मामले में कथित रूप से शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
अकाल तख्त ने इस महीने की शुरुआत में एक वीडियो को लेकर मान को ''गुरु दोखी'' (गुरु-द्रोही) और ''खालसा पंथ विरोधी'' घोषित किया था। वीडियो में कथित तौर पर मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति सिख गुरुओं और मारे गए आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाई दे रहा है।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि 'आप' नेताओं ने पश्चाताप करने के बजाय सिखों की सर्वोच्च संस्था के निष्कर्षों को गलत ठहराने की कोशिश की।
सिरसा ने कहा, ''उन्होंने जो पाप किया, उसके लिए पश्चाताप करने के बजाय उनके मंत्री हरपाल चीमा ने 18 जून को संवाददाता सम्मेलन करके कहा कि यह वीडियो फर्जी है।''
उन्होंने दावा किया कि चीमा ने वीडियो के 1,191 'फ्रेम' की जांच पर आधारित एक फोरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि यह वीडियो असली नहीं है।
सिरसा ने कहा कि अकाल तख्त के पांच सिंह साहिबान ने एक आदेश जारी कर निर्देश दिया था कि कोई भी सिख मान से किसी तरह का संबंध न रखे।
उन्होंने कहा, ''अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को भगवंत मान को गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया, उन्हें सिख समुदाय से निष्कासित कर दिया और दुनियाभर के सिखों को आदेश दिया कि कोई भी सिख भगवंत मान से किसी तरह का संबंध न रखे।''
सिरसा ने कहा, ''यह आदेश वह वीडियो सामने आने के बाद दिया गया, जिसमें कथित तौर पर भगवंत मान गुरु साहिब के पवित्र स्वरूप (गुरु ग्रंथ साहिब की प्रति) पर शराब छिड़कते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद दुनियाभर के सिखों ने गहरा रोष और पीड़ा व्यक्त की है।''
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मान के सहयोगी एवं लुधियाना के पुलिस आयुक्त स्वप्न शर्मा ने गुरुग्राम की एक फोरेंसिक प्रयोगशाला को लेकर वहां के एक होटल में बैठक की थी।
उन्होंने कहा, ''बैठक के दौरान पैसों का लेन-देन हुआ और वीडियो में बड़े पैमाने पर काट-छांट की गई ताकि ऐसा लगे कि भगवंत मान उसमें मौजूद नहीं थे और वीडियो फर्जी था।''
सिरसा ने 'आप' नेताओं पर सिखों की भावनाओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''ये लोग पैसे के लिए सिखों की भावनाओं की अनदेखी करने और एक फर्जी विमर्श गढ़ने के लिए तैयार हैं।''
सिरसा ने कहा, ''पंजाब में आज जिस मानसिकता का प्रदर्शन किया जा रहा है, वह उस दमनकारी मानसिकता जैसी है जिसके तहत मुगल काल में गलत काम किए गए थे। आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने इस तरह के कृत्यों में शामिल होकर तथा अकाल तख्त के प्राधिकार को चुनौती देने की कोशिश करने के लिए पैसे देकर फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाकर दुनियाभर के सिखों को चुनौती दी है।''
उन्होंने कहा, ''यह अकाल तख्त की सर्वोच्चता को कमजोर करने की कोशिश थी।''
सिरसा ने पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मान और इस मामले में कथित रूप से शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने कहा, ''जिस कानून को आपने स्वयं बनाया और जिसकी आपने इतनी प्रशंसा की, उस कानून के तहत पहला मामला भगवंत मान के खिलाफ अब तक दर्ज क्यों नहीं किया गया?''
मान ने वीडियो को खारिज करते हुए इसे उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से किया गया ''झूठा दुष्प्रचार'' बताया है। पंजाब में सत्तारूढ़ 'आप' ने भी दावा किया है कि दो प्रयोगशालाओं में की गई फोरेंसिक जांच से पता चला है कि कथित आपत्तिजनक वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति भगवंत मान नहीं है।
हरियाणा पुलिस ने एक व्यक्ति की शिकायत पर मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करके दो लोगों को गिरफ्तार किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री से संबंधित विवाद से जुड़े वायरल वीडियो की फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट की व्यवस्था कराने के लिए उससे संपर्क किया गया था।
भाषा सिम्मी मनीषा
मनीषा
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