उज्जैन भूमि 'घोटाला': भाजपा ने मुख्यमंत्री यादव पर लगे आरोपों को निराधार बताया
जोहेब
- 24 Jun 2026, 12:00 AM
- Updated: 12:00 AM
भोपाल, 23 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मध्यप्रदेश इकाई ने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे कथित भूमि घोटाले के आरोपों को निराधार बताते हुए मंगलवार को कहा कि जब भी राज्य में पिछड़ा वर्ग का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बना, कांग्रेस ने उसे कमजोर करने का प्रयास किया।
पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक वीडियो संदेश में कहा, "कांग्रेस ने हमारे मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जो आरोप लगाए हैं, वे पूरी तरह निराधार है।"
उन्होंने कहा कि भ्रम की स्थिति पैदा करने के प्रयास के तहत यह सब किया गया है।
खंडेलवाल ने कहा, "मैं समझता हूं कि इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है।"
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यादव ने 2023 में जो नामांकन पत्र दाखिल किए थे, उनके हिसाब से उनके पास 17 एकड़ की जमीन थी और आज भी इसमें कुछ परिवर्तन नहीं हुआ है।
इस संबंध में सत्तारूढ़ भाजपा के किसी नेता ने पहली प्रतिक्रिया दी है।
खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री यादव के पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी जो इस साल जून में घटकर मात्र 65 एकड़ रह गई।
उन्होंने दावा किया कि यह सारी जमीन मास्टर प्लान लागू होने के पहले की थी।
खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री यादव इस प्रदेश को देश के सबसे विकसित राज्यों में लाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस राज्य के एक ओबीसी मुख्यमंत्री को निशाना बना रही है। इस प्रदेश को जब भी कोई ओबीसी समाज का मुख्यमंत्री मिला, चाहे वह उमा भारती हों या शिवराज सिंह चौहान या फिर मोहन यादव... उनके खिलाफ षडयंत्र करके कांग्रेस उनको कमजोर करने का प्रयास करती रही है।"
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने मंगलवार को उज्जैन में कथित भूमि घोटाले को ''महाकाल की जमीन की लूट'' करार देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस्तीफे और आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सत्ता संभालने के बाद उनके परिवार की भूमि कथित तौर पर 100 एकड़ से बढ़कर 335 एकड़ कैसे हो गई।
पटवारी ने कहा, ''तथ्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भाजपा राम मंदिर के चंदे की चोरी और महाकाल की जमीन की लूट में शामिल है।''
उन्होंने 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने बड़ी मात्रा में भूमि खरीदी।
खबर में दावा किया गया है कि दिसंबर पिछले दो वर्ष के दौरान मुख्यमंत्री यादव के परिवार और उनकी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में कम से कम 137 भूखंड खरीदे, जिनका कुल क्षेत्रफल 168 एकड़ है।
खबर के अनुसार इन जमीनों की कीमत 45 करोड़ रुपये बताई गई है।
खबर के मुताबिक इनमें से अधिकांश भूमि उन क्षेत्रों में स्थित है जहां उनकी सरकार ने सड़क परियोजनाओं और भूमि उपयोग परिवर्तन की घोषणाएं की।
पटवारी ने कहा कि इस मामले में यादव को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।
उन्होंने बाद में पीटीआई-वीडियो से कहा, ''आज जो मीडिया रिपोर्ट सामने आई हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं। मुख्यमंत्री केवल एक व्यक्ति नहीं होते, वह पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में यदि उनके खिलाफ इस प्रकार के गंभीर आरोप लगते हैं तो इससे राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचती है।''
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को कांग्रेस के सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराने की मांग करती है।
भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
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