छत्तीसगढ़: अंबिकापुर में रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल, महापौर ने दर्ज कराई शिकायत
जोहेब
- 22 Jun 2026, 11:01 PM
- Updated: 11:01 PM
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़), 22 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर के एक मैदान में मेला लगाने की अनुमति के लिए महापौर और भाजपा के एक पदाधिकारी द्वारा कथित तौर पर रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महापौर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
अंबिकापुर नगर निगम की महापौर और भाजपा नेता मंजूषा भगत आरोपों से इनकार करते हुए संवाददाताओं के सामने फूट-फूटकर रो पड़ी और इस मामले को उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया।
भगत ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। अंबिकापुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का मुख्यालय है।
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण थाना के पुलिस उप अधीक्षक सुरेश भगत ने बताया कि महापौर ने सोमवार को शिकायत दर्ज कराई।
महापौर ने आरोप लगाया कि अनुराग मिश्रा नाम के व्यक्ति ने उनकी छवि खराब करने के इरादे से छेड़छाड़ की गई और नकली ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर डाली।
अधिकारी ने कहा, "उन्होंने इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई और विस्तृत जांच की मांग की है।"
वायरल ऑडियो क्लिप में, अनुराग मिश्रा नामक एक व्यक्ति को कथित तौर पर एक महिला का 'नमस्कार दीदी' कहकर अभिवादन करते और यह पूछते हुए सुना जा सकता है कि क्या किसी कार्यक्रम के लिए अनुमति दी जाएगी। महिला को यह जवाब देते हुए सुना जा सकता है कि अभी तक कुछ नहीं हुआ है।
इसके बाद वह व्यक्ति कहता है कि अगर अनुमति नहीं मिल सकती है, तो उसके द्वारा दिए गए पैसे वापस कर दिए जाएं, क्योंकि वह अतिरिक्त भुगतान नहीं कर सकता। उसे यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि वे केवल कलाकेंद्र मैदान (अंबिकापुर में) में एक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांग रहे थे, न कि कोई गैर-कानूनी गतिविधि करने के लिए।
इसके बाद महिला को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह घर पर नहीं हैं और किसी से इस मामले को देखने के लिए कहेंगी।
ऑडियो में, वह व्यक्ति दावा करता है कि वह अध्यक्ष' के आवास पर गया था और निर्देशानुसार अपने साथ कुछ ले गया था, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर तीन लाख रुपये लेने से इनकार कर दिया।
क्लिप के एक अन्य हिस्से में, एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसने महापौर और भाजपा जिला अध्यक्ष को तीन-तीन लाख रुपये दिए थे।
सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए भगत भावुक हो गईं और रो पड़ीं।
उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें और उनके परिवार को बहुत मानसिक परेशानी हुई है।
भगत ने कहा, "मुझे रविवार शाम को इस क्लिप के बारे में पता चला। मुझे समझ नहीं आ रहा कि इसके पीछे कौन है। यह मेरी आवाज नहीं है और न ही मैंने कभी किसी से ऐसी कोई बातचीत की है। यह एक साजिश लगती है, और इसीलिए मैं थाने आई हूं ताकि इसकी पूरी जांच हो और सच सामने आ सके।"
उन्होंने कहा, "कल से मेरा पूरा परिवार परेशान है। मेरे खिलाफ पहले कभी ऐसी साजिश नहीं रची गई। मैं एक आदिवासी महिला हूं और ऐसा लगता है कि किसी ने जान-बूझकर मुझे निशाना बनाया है। मेरे पति और पिता की तबीयत ठीक नहीं है। अगर इसकी वजह से उन्हें कुछ हो जाता है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
भगत ने कहा कि वह महापौर के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान दे रही हैं और ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं हुईं।
उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ नगर निगम का काम जानती हूं। मुझे ऐसी राजनीतिक साजिशें समझ नहीं आती। मुझे नहीं पता कि कोई मेरी छवि क्यों खराब करना चाहता है।"
पुलिस ने कहा कि ऑडियो क्लिप की सच्चाई की जांच के बाद विस्तृत कार्रवाई की जाएगी। भाषा सं संजीव जोहेब
जोहेब
2206 2301 अंबिकापुर