केरल में पेंशन लाभार्थियों की होगी समीक्षा, 3,000 रुपये पेंशन देने के वादे को दोहराया गया
नरेश
- 22 Jun 2026, 02:57 PM
- Updated: 02:57 PM
तिरुवनंतपुरम, 22 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोमवार को कहा कि सरकार कल्याणकारी पेंशन लाभार्थियों की व्यापक समीक्षा करेगी ताकि अपात्र लोगों को सूची से हटाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पात्र व्यक्तियों को पेंशन का लाभ मिले।
विधानसभा में ए सी मोईदीन के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का वादा यूडीएफ के 'इंदिरा गारंटी' कार्यक्रम का हिस्सा है और इसे जल्द से जल्द लागू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस नीत मोर्चे द्वारा किए गए वादों में से दो—महिलाओं के लिए केएसआरटीसी (केरल राज्य पथ परिवहन निगम की) बसों में मुफ्त यात्रा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग विभाग की स्थापना — सरकार के सत्ता में आने के एक महीने के भीतर ही पूरे कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी हमारी प्रमुख गारंटियों में शामिल है और इस वादे को भी यथाशीघ्र पूरा किया जाएगा।"
उन्होंने दोहराया कि सरकार पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर आरोप लगाया कि उसने 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान 2,500 रुपये पेंशन देने का वादा किया था, लेकिन बाद में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले ही इसे बढ़ाकर केवल 2,000 रुपये किया।
उन्होंने कहा, "हमारी सरकार में ऐसी देरी नहीं होगी। हम अपने वादे को जल्द से जल्द पूरा करेंगे।"
सतीशन ने यह भी कहा कि कल्याणकारी पेंशन का वितरण बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि इस महीने की पेंशन जारी करने संबंधी आदेश मंगलवार को जारी कर दिया जाएगा और लाभार्थियों को पेंशन का वितरण 24 जून से शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पेंशन लाभार्थियों की सूची की समीक्षा करेगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितताओं की पहचान की जा सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ अपात्र लोग अब भी पेंशन का लाभ ले रहे हैं, जबकि कई वास्तविक और पात्र लाभार्थी अभी भी योजना के दायरे से बाहर हैं।
लाभार्थियों के आंकड़ों में पाई गई गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अधिकारी ने उन्हें बताया कि लॉस एंजिलिस में रहने वाले एक व्यक्ति ने इस महीने पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की थी।
हालांकि, विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने सवाल उठाया कि क्या केवल इस आधार पर किसी मां की पेंशन रोकी जा सकती है कि उसका बेटा विदेश में काम करता है।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह मानकर नहीं चल रही है कि विदेश में रहने या काम करने वाले बच्चों के कारण उनके बुजुर्ग माता-पिता को आर्थिक सहायता स्वतः मिल रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्रता का निर्धारण वास्तविक परिस्थितियों और निर्धारित मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई ऐसे लाभार्थी हैं जो पेंशन योजना में शामिल किए जाने के समय पात्र थे, लेकिन समय के साथ उनकी परिस्थितियों में बदलाव आने के कारण वे अब पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। इसलिए लाभार्थियों की सूची की व्यापक समीक्षा आवश्यक हो गई है।
उन्होंने कहा, "हम विस्तृत जांच करेंगे, पेंशन वितरण में मौजूद विसंगतियों को दूर करेंगे और अपात्र लाभार्थियों को सूची से हटाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे।"
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "हमारा उद्देश्य ऐसी पारदर्शी और त्रुटिरहित पेंशन वितरण व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें अपात्र लोगों को बाहर किया जाए और सभी पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए।"
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केरल में हर महीने लगभग 62 लाख लाभार्थियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी पेंशन योजनाओं का लाभ मिलता है।
भाषा रंजन नरेश
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