एमपीसीबी प्रमुख के पद पर मेरी नियुक्ति गहन जांच के बिना नहीं हुई होगी : रामदास कदम के पुत्र
सुभाष दिलीप
- 08 Mar 2024, 06:37 PM
- Updated: 06:37 PM
मुंबई, आठ मार्च (भाषा) महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) प्रमुख एवं शिवसेना नेता रामदास कदम के बेटे सिद्धेश कदम ने इस महत्वपूर्ण पद पर अपनी नियुक्ति का शुक्रवार को बचाव किया और कहा कि गहन जांच के बिना ऐसा नहीं हुआ होगा।
बोर्ड के अध्यक्ष पद पर सिद्धेश की नियुक्ति की राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर आलोचना की है, जिन्होंने दावा किया कि इस तरह का कदम एमपीसीबी जैसे अहम संस्थान के कामकाज को पंगु कर देगा।
सिद्धेश, पूर्व मंत्री रामदास कदम के छोटे बेटे हैं। उनके बड़े भाई योगेश कदम दपोदी से विधायक हैं और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना से जुड़े हैं।
सिद्धेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘राज्य सरकार और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर मेरी नियुक्ति की। संबद्ध विभाग ने इस फैसले पर पहुंचने से पहले उपयुक्त जांच-पड़ताल अवश्य की होगी।’’
उनकी नियुक्ति की आलोचना किये जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं विज्ञान में स्नातक हूं और आस्ट्रेलिया के डीकीन विश्वविद्यालय से एमबीए (अंतरराष्ट्रीय) की उपाधि प्राप्त की है। मेरे काम के आधार पर मेरे बारे में कोई राय बनाई जानी चाहिए। मैं सिर्फ अपने काम के जरिये आलोचना का जवाब दूंगा।’’
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग से संबंधित एक गजट अधिसूचना के अनुसार, पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मामलों में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले या पर्यावरण संरक्षण से संबंधित मामलों से निपटने वाले संस्थानों में अनुभव रखने वाले व्यक्ति को एमपीसीबी के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
अधिसूचना के अनुसार, यदि सरकार किसी अधिकारी को एमपीसीबी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करना चाहती है, तो उसका भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में वर्तमान या पूर्व में, सचिव या इससे उच्च पद पर रहना जरूरी है।
शिंदे की अध्यक्षता वाले पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने बुधवार को जारी नियुक्ति आदेश में कहा कि सिद्धेश, ए. एल. जरहाद का स्थान लेंगे।
जरहाद को 7 सितंबर, 2023 को एमपीसीबी के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था, लेकिन वह बिना कोई वैध कारण बताए अनुपस्थित रहे, और इसलिए उन्हें पद से हटा दिया गया।
भाषा सुभाष