अमित शाह कल बिहार में ओबीसी सम्मेलन में भाग लेंगे
गोला सुरेश
- 08 Mar 2024, 06:36 PM
- Updated: 06:36 PM
पटना, आठ मार्च (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पिछड़े वर्गों के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बारे में शनिवार को बिहार में होने वाले एक सम्मेलन में भाग लेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के अध्यक्ष के. लक्ष्मण ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देशभर में ओबीसी मोर्चा द्वारा आयोजित किए जा रहे 10,000 ‘‘सामाजिक सम्मेलनों’’ के तहत यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम लोकसभा चुनाव की ओर बढ़ रहे हैं। ओबीसी और ईबीसी (अत्यधिक पिछड़ा वर्ग) की संख्या आबादी की 50 फीसदी से अधिक है और उन्हें यह बताने की आवश्यकता है कि मोदी सरकार ने पिछले 10 वर्ष में उनके लिए क्या किया है।’’
लक्ष्मण ने बताया कि शनिवार को पटना के बाहरी इलाके पालीगंज में आयोजित होने वाला कार्यक्रम इसी अभियान का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और नीट परीक्षाओं तथा नवोदय विद्यालयों में कोटा देने जैसे कदम पिछड़ा वर्ग की बेहतरी के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी समुदाय की महिलाओं के लिए ‘‘आरक्षण के भीतर आरक्षण’’ पर विपक्षी दलों की मांग के बारे में पूछे जाने पर लक्ष्मण ने कहा, ‘‘पहले उन्हें हमें यह बताना चाहिए कि पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संप्रग सरकार में लाए विधेयक के मसौदे में उप-आरक्षण को जगह क्यों नहीं दी गयी।’’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की ओबीसी जाति को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों से ओबीसी के प्रति ‘‘कांग्रेस की शत्रुता झलकती है जो नेहरू के वक्त से ही दिखायी देती रही है।’’
उन्होंने दावा किया कि ‘‘तत्कालीन मुख्यमंत्रियों को लिखे एक पत्र में, नेहरू ने जाति-आधारित आरक्षण के प्रति अपनी नापसंदगी व्यक्त करने को लेकर कुछ नहीं कहा था। काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट कांग्रेस शासन में धूल फांक रही थी।’’
लक्ष्मण ने आरोप लगाया कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और पड़ोसी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की अगुवाई वे लोग करते हैं जो ‘‘ओबीसी के बारे में बात करते हैं, लेकिन उन्होंने केवल अपने परिवारों के लिए काम किया है।’’
भाषा गोला