अजीत पवार के निधन के बाद सहयोगियों ने साथ नहीं दिया, सुनील तटकरे ने जताया अफसोस: सूत्र
मनीषा
- 27 May 2026, 05:28 PM
- Updated: 05:28 PM
मुंबई, 27 मई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे ने इस बात पर अफसोस जताया है कि इस साल की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद जब विपक्ष ने उन पर और प्रफुल पटेल पर निशाना साधा, तो उनके पार्टी सहयोगियों ने उनका और प्रफुल पटेल का साथ नहीं दिया। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात दक्षिण मुंबई के देवगिरी स्थित उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार (जो अपने पति के निधन के बाद अब राकांपा की प्रमुख हैं) के आधिकारिक आवास पर हुई बैठक में तटकरे ने अपनी मनोव्यथा व्यक्त की।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में पार्टी के मंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित थे, हालांकि पटेल मौजूद नहीं थे।
एक सूत्र ने तटकरे को उद्धृत करते हुए कहा, "जब हमें निशाना बनाया जा रहा था, तब पार्टी से कोई भी हमारे समर्थन में खड़ा नहीं हुआ।"
राकांपा के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री छगन भुजबल ने तटकरे को जवाब देते हुए सलाह दी कि अतीत को भुलाकर बेहतर भविष्य के लिए काम करना ही सबसे अच्छा होगा।
शरद पवार के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंद्वी राकांपा (शरदचंद्र पवार) 28 जनवरी को बारामती में अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद से तटकरे और पटेल को निशाना बना रही है और उन पर राकांपा को अपने कब्जे में करने की कोशिश का आरोप लगा रही है।
मंगलवार की बैठक में सुनेत्रा पवार ने मिलकर काम करने और पार्टी संगठन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
राकांपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य पार्थ और जय पवार भी बैठक में मौजूद थे।
सूत्रों ने बताया कि सुनेत्रा पवार द्वारा पिछले महीने निर्वाचन आयोग को भेजे गए उस पत्र पर कोई चर्चा नहीं हुई, जिसमें पटेल और तटकरे के पार्टी में पदों का उल्लेख नहीं था।
पार्टी ने हाल ही में इस चूक को "लिपिकीय त्रुटि" बताया और स्पष्ट किया कि इसे सुधार लिया जाएगा और निर्वाचन आयोग को एक संशोधित पत्र भेजा जाएगा।
राकांपा सूत्रों ने बताया कि बैठक में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए बूथ-स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति और 10 जून को पार्टी के स्थापना दिवस की तैयारियों पर चर्चा हुई और उपस्थित सदस्यों ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में काम करने का संकल्प लिया।
राकांपा महाराष्ट्र में भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ सत्ता साझा करती है।
भाषा
राखी मनीषा
मनीषा
2705 1728 मुंबई