पंजाब नगर निगम चुनाव में कई स्थानों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं में झड़प के बीच 61.5 प्रतिशत मतदान
सुरेश
- 26 May 2026, 11:21 PM
- Updated: 11:21 PM
चंडीगढ़, 26 मई (भाषा) पंजाब में मंगलवार को हुए नगर निगम चुनावों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के समर्थकों में झड़प और बूथ कब्जाने के आरोपों के बीच 61.5 प्रतिशत मतदान हुआ।
निर्वाचन अधिकारियों द्वारा आंकड़े संकलित किए जाने के बाद मतदान में भाग लेने वाले लोगों का अंतिम प्रतिशत बदल सकता है।
राज्य की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के लिए स्थानीय निकाय चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
अधिकारियों ने बताया कि रायकोट के वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर कुछ लोगों ने धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें वह घायल हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें लुधियाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने घटना की निंदा करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा।
वड़िंग ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, "रायकोट में कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर बर्बर हमला बताता है कि भगवंत मान सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गैंगस्टर और राजनीतिक गुंडे खुले घूम रहे हैं, जबकि सरकार विज्ञापनों और रील बनाने में व्यस्त है। यदि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो पंजाब के आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।"
बरनाला में, वार्ड नंबर 15 से भाजपा उम्मीदवार दीपेंद्र कौर के पति द्वारा फर्जी मतदान के आरोप लगाने के बाद तीखी बहस हुई और कुछ लोगों के समूह ने उनपर हमला कर दिया। उनकी पगड़ी उतार दी गई और उन्हें चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मुक्तसर जिले के गिद्दराभा में वार्ड संख्या 18 और 19 में मतदान के दौरान शिरोमणि अकाली दल और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के समर्थकों के बीच झड़प हो गई।
बाद में शिअद ने पंजाब राज्य चुनाव आयोग में आम आदमी पार्टी के विधायक हरदीप सिंह डिम्पी ढिल्लों और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उनपर नगर निगम चुनावों के दौरान बूथ कब्जाने, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया गया और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई।
पटियाला के समाना में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गयी जब वार्ड नंबर 19 में मतदान के दौरान दो प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों के समर्थक आपस में भिड़ गए और बाद में पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।
अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और मतदान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।
उन्होंने बताया कि अमृतसर के मजीठा में शिअद और आप के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस घटना को लेकर मान सरकार पर हमला किया और आरोप लगाया कि मजीठा में विधानसभा चुनावों के दौरान, पंजाब पुलिस के समर्थन से आप कार्यकर्ताओं ने बूथ कब्जा करने, हिंसा और धमकी देने जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया।
उन्होंने कहा कि एक सिख युवक की पगड़ी उतार दी गई और आरोप लगाया कि मजीठा में अब कानून का शासन नहीं है। मौर मंडी में भाजपा और आम आदमी पार्टी के समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई।
मतदान सुबह आठ बजे मतपत्रों के जरिये शुरू हुआ, जो शाम पांच बजे तक जारी रहा। मतगणना 29 मई को होगी।
अधिकारियों ने बताया कि मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट सहित आठ नगर निगमों के 1,896 वार्ड के अलावा 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों में चुनाव हो रहे हैं।
कुल 7,555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। सत्तारूढ़ आप ने सबसे अधिक 1,801 उम्मीदवार उतारे हैं, उसके बाद कांग्रेस के 1,550, भाजपा के 1,316, शिअद के 1,251 और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96 उम्मीदवार हैं।
इसके अलावा, चुनाव में 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार भी किस्मत आजमा रहे हैं।
तेज गर्मी से बचने के लिए विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं को सुबह के समय मतदान केंद्रों पर कतार में खड़े देखा गया।
भाजपा के पंजाब कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने पठानकोट में मतदान किया।
कांग्रेस नेता वड़िंग पत्नी अमृता वड़िंग के साथ मुक्तसर में बैलगाड़ी से मतदान केंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार को यह संदेश देना चाहते हैं कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम नागरिक परेशान हैं।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और हरजोत सिंह बैंस ने मतदाताओं से मतदान करने की अपील की। अमन अरोड़ा ने अपनी पत्नी के साथ सुनाम में मतदान किया।
इन नगर निकायों में 35,45,567 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 17,11,635 महिलाएं शामिल हैं।
कुल 740 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 275 को अति संवेदनशील घोषित किया गया था।
चुनाव ड्यूटी पर लगभग 35,000 चुनावकर्मी और 32,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतदान केंद्रों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
भाषा
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