अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में प्रगति हुई : रूबियो
नेत्रपाल
- 23 May 2026, 11:54 PM
- Updated: 11:54 PM
नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, जिससे संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया में दो महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष समाधान के करीब पहुंच सकता है।
रूबियो ने कहा कि इस विवाद का समाधान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहे अनुसार, ''किसी न किसी तरह से'' होना ही चाहिए।
भारत की चार दिन की यात्रा पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री ने अमेरिकी दूतावास में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए यह बात कही।
रूबियो ने कहा, ''कुछ प्रगति हुई है। अभी जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब भी कुछ काम हो रहा है।''
शीर्ष राजनयिक ने यह भी कहा कि वाशिंगटन अगले कुछ दिनों में इस मुद्दे पर कुछ कह सकता है।
उन्होंने कहा, ''अभी भी कुछ प्रगति हुई है, कुछ काम चल रहा है। आज, कल या कुछ दिनों में, हो सकता है कि हम कुछ कह पाएं।''
रूबियो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे गहन बातचीत चल रही है।
उन्होंने वाशिंगटन के इस दृढ़ रुख को दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रूबियो ने कहा, "ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना सकता। जलडमरूमध्य बिना किसी शुल्क के खुला रहना चाहिए, और उन्हें अपना संवर्धित एवं अतिसंवर्धित यूरेनियम सौंपना होगा। राष्ट्रपति का यही रुख हमेशा से रहा है।"
उन्होंने कहा, ''हमें उम्मीद है कि इस मामले का कूटनीतिक रूप से समाधान हो जाएगा, तथा शायद मेरी यात्रा के दौरान इस विषय पर और भी चर्चा करने को मिलेगी।''
वह यहां अमेरिकी दूतावास में एक नयी 'कांसुलर विंग' का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, ''वीजा से जुड़ा हर फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा का फैसला होता है, और मुझे यहां काम करने वाले अमेरिकियों को सशक्त बनाने पर गर्व है क्योंकि वे हमारे हितों को आगे बढ़ाने और राष्ट्रपति ट्रंप की 'अमेरिका प्रथम' विदेश नीति में अग्रिम पंक्ति में सेवा कर रहे हैं।''
रूबियो ने अमेरिका-भारत संबंधों की भी सराहना की।
उन्होंने कहा, ''दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र - अमेरिका, और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र - भारत, वर्तमान में और भविष्य में स्वाभाविक साझेदार हैं।''
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, ''हमारा रिश्ता पहले से ही बहुत अच्छा है। हम साथ मिलकर बहुत कुछ करते हैं, और अभी बहुत कुछ करना बाकी है।''
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