सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में नौसेना के पूर्व कैप्टन पर मुकदमा दर्ज किया
माधव
- 20 May 2026, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय नौसेना के एक पूर्व कैप्टन के खिलाफ तीन करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि उक्त अधिकारी एक जुलाई, 1989 को 'सब-लेफ्टिनेंट' के रूप में नौसेना में शामिल हुए थे और वर्ष 2024 में सेवानिवृत्त होने से पहले छह अगस्त, 2016 को 'कैप्टन' के पद पर पहुंचे थे, जो सेना में 'कर्नल' के समकक्ष होता है।
उन्होंने बताया कि कैप्टन के रूप में अपनी सेवा के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील पदों पर काम किया, जिनमें नेटवर्क सेंट्रिक ऑपरेशंस निदेशालय, मुख्यालय स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी); नेवल डॉकयार्ड, मुंबई; बीएचईएल में गुणवत्ता आश्वासन सेल निदेशालय; राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और नौसेना डिजाइन निदेशालय (सबमरीन डिजाइन ग्रुप) शामिल हैं।
प्राथमिकी के अनुसार, अधिकारी कथित तौर पर भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त थे और उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पर्याप्त अचल संपत्ति अर्जित की थी।
एजेंसी का आरोप है कि अधिकारी ने 2010 से 2020 के बीच कई संपत्तियां हासिल कीं यह वह अवधि थी जिसमें नौसेना में 'कमांडर' और 'कैप्टन' के रूप में उनका अधिकांश कार्यकाल शामिल था।
उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान, उनके परिवार की संपत्ति कथित तौर पर 2.31 करोड़ रुपये से बढ़कर 6.90 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें अचल संपत्तियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई।
आरोपी अधिकारी और उनकी पत्नी व दो बेटों सहित परिवार के सदस्यों की आय और खर्च का हिसाब लगाने के बाद सीबीआई ने आरोप लगाया कि 3.18 करोड़ रुपये की संपत्ति का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सका, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है, "संदिग्ध अधिकारी ने कथित तौर पर 2011 में पंचकूला में खरीदी गई जमीन पर एक फार्महाउस का निर्माण किया था। उक्त फार्महाउस के निर्माण और उसके रखरखाव पर हुए खर्च को अभी गणना में शामिल नहीं किया गया है।"
इसमें कहा गया, "वाहन सहित चल संपत्तियां, जो कथित तौर पर जांच अवधि के दौरान खरीदी गई थीं, उन्हें भी अभी गणना में शामिल नहीं किया गया है।"
प्राथमिकी में कहा गया है कि अधिकारी के बच्चों की शिक्षा पर हुए खर्च को भी अभी गणना में नहीं जोड़ा गया है।
प्राथमिकी के अनुसार, "ऐसे में, जांच के दौरान इन खर्चों को भी शामिल किए जाने के बाद आय से अधिक संपत्ति की राशि बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, खरीदी गई संपत्तियां आलीशान इलाकों में स्थित हैं और कथित तौर पर उन्होंने तथा उनके परिवार के सदस्यों ने बेहद वैभवपूर्ण और खर्चीली जीवनशैली जी है।"
भाषा सुमित माधव
माधव
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