देश संकट में और प्रधानमंत्री टॉफी बांट रहे हैं: राहुल
नरेश
- 20 May 2026, 08:36 PM
- Updated: 08:36 PM
नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इटली की उनकी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी भेंट किए जाने को लेकर बुधवार को कटाक्ष किया और कहा कि 'आर्थिक तूफान' सर पर है और प्रधानमंत्री टॉफी बांट रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि 'यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।'
मेलोनी ने टॉफी भेंट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है। इस हल्के-फुल्के पल ने सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं से जुड़े चर्चित 'मेलोडी' शब्द को फिर से चर्चा में ला दिया।
मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह कहती सुनाई दे रही हैं, ''प्रधानमंत्री मोदी मेरे लिए एक बहुत ही अच्छी टॉफी लेकर आए हैं—मेलोडी।''
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''आर्थिक तूफ़ान सर पर है और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बांट रहे हैं। किसान, युवा, महिलाएं, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं। प्रधानमंत्री हंसकर रील बना रहे हैं, और भाजपा वाले ताली बजा रहे हैं।''
उन्होंने दावा किया, ''यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।''
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, 'घटते' निवेश और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट जैसे मुद्दों को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा कि वह (मोदी) अपना प्रचार जारी रखे हुए हैं, जबकि अर्थव्यवस्था संकट का सामना कर रही है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह दावा भी किया प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि जनता उनकी सरकार की लूट के कारण पैदा होने वाली 'मुश्किल' से बचे रहने की कोशिश करने के साथ उनके भाषणों की 'मेलोडी' (राग) का आनंद उठाए।"
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को भारत और भारत में बनी हर वस्तु से इतनी नफरत क्यों है?
उन्होंने कहा, ''भारत आज मेड इन इंडिया और 'लोकल गोज ग्लोबल' के माध्यम से दुनिया का विश्वसनीय स्थल बना है, लेकिन कांग्रेस को हर भारतीय उपलब्धि में समस्या ही दिखाई देती है। जिस वैश्विक सम्मान, निवेश और भरोसे के लिए देश दशकों तक इंतज़ार करता रहा, वही प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत अर्जित कर रहा है तो वह राहुल गांधी से सहन नहीं हो रहा है।''
भाषा हक
हक नरेश
नरेश
2005 2036 दिल्ली