केरल: सतीशन के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने ली शपथ, प्रमुख कल्याणकारी कदम उठाने की घोषणा की
नरेश
- 18 May 2026, 06:45 PM
- Updated: 06:45 PM
(फोटो के साथ)
तिरुवनंतपुरम, 18 मई (भाषा) केरल में वाम मोर्चे को सत्ता से बेदखल कर 10 साल के बाद फिर से कांग्रेस नीत यूडीएफ की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले वी.डी. सतीशन ने सोमवार को यहां सेंट्रल स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
सतीशन के 20 सदस्यीय मंत्रिमंडल को भी राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शपथ दिलाई। मंत्रिमंडल में वरिष्ठ और युवा नेताओं को जगह दी गई है। एक समय मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार माने जा रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला भी मंत्रिमंडल में शामिल किए गए है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी नेता राहुल गांधी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता समारोह में मौजूद रहे। यूडीएफ में शामिल अहम सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को भी मंत्रिमंडल में पर्याप्त जगह मिली और नयी सरकार में गठबंधन संतुलन साधने की कोशिश साफ दिखी।
करीब डेढ़ घंटे तक चले शपथ ग्रहण समारोह और लोक भवन में आयोजित चाय समारोह के बाद राज्य सचिवालय में सतीशन की अध्यक्षता में नयी कैबिनेट की पहली बैठक हुई। बैठक में मार्च में विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत के दौरान राहुल गांधी द्वारा घोषित पांच कार्यक्रमों में से दो को लागू करने का फैसला लिया गया।
इनमें 15 जून से केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा और बुजुर्गों के लिए एक समर्पित विभाग स्थापित किया जाना शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह विभाग देश में अपनी तरह का पहला विभाग होगा।
चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा घोषित अन्य गारंटियों में कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को हर महीने 1,000 रुपये का वजीफा, सामाजिक कल्याण पेंशन बढ़ाकर 3,000 रुपये करना, प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और युवा उद्यमियों को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण देना शामिल है।
वाम शासन के दौरान सचिवालय के सामने आशा कार्यकर्ताओं के लंबे आंदोलन के दौरान किए गए वादे को पूरा करते हुए यूडीएफ कैबिनेट ने उनके मानदेय में 3,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि को भी मंजूरी दी। इसके बाद उनका कुल मासिक मानदेय 12,000 रुपये हो जाएगा।
हालांकि यह यूडीएफ के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे से कम है, लेकिन सतीशन ने कहा कि सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
सतीशन ने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में 1,000 रुपये की वृद्धि करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों में खाना बनाने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त 1,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे और प्री-प्राइमरी शिक्षकों तथा आया के मानदेय में भी 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी।
इससे पहले वाम सरकार के दौरान यूडीएफ ने आरोप लगाया था कि राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद खराब है।
इस बारे में सतीशन ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति और सरकारी खजाने की हालत पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा।
उन्होंने 21 और 22 मई को नयी विधानसभा का सत्र आहूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की भी घोषणा की, जिसमें विधायकों का शपथ ग्रहण और विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा।
राज्यपाल का अभिभाषण 29 मई को होगा।
एक अन्य बड़े फैसले में कैबिनेट ने 2023 में अलप्पुझा में नव केरल यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कथित बंदूकधारी समर्थकों द्वारा दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले की दोबारा जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन को मंजूरी दी।
अलप्पुझा से चुनाव जीतने वाले ए डी थॉमस उन युवा कांग्रेस नेताओं में शामिल थे जो इस हमले में घायल हुए थे।
सतीशन ने एसआईटी गठित किए जाने को राजनीतिक प्रतिशोध बताने के आरोप खारिज करते हुए कहा कि सरकार केवल अदालत के निर्देश का पालन कर रही है।
इससे पहले सतीशन ने भगवान के नाम पर शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान जैसे ही उन्होंने अपना पूरा नाम लिया, हजारों समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं और नारे लगाए।
पूरा शपथ ग्रहण समारोह बेहद उत्साहपूर्ण और जश्न के माहौल में संपन्न हुआ, जो यूडीएफ के ऊंचे मनोबल को दर्शाता था। यूडीएफ ने 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 102 सीट जीतकर सत्ता में वापसी की है।
रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन, ए. पी. अनिल कुमार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ समेत नए मंत्रियों के शपथ लेते ही यूडीएफ कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार नारे लगाए।
समारोह स्थल हजारों यूडीएफ कार्यकर्ताओं और समर्थकों से खचाखच भरा हुआ था। कई लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ पहुंचे थे और शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ढोल की थाप पर नाचते नजर आए।
उमस भरे मौसम के बावजूद समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ।
कई लोगों ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने 10 वर्ष तक यूडीएफ की सत्ता में वापसी का इंतजार किया है।
आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता पी के कुन्हालीकुट्टी, आरएसपी नेता शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस नेता मॉन्स जोसेफ, केरल कांग्रेस (जैकब) के नेता अनूप जैकब और सीएमपी के नेता सी पी जॉन ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
मंत्रिमंडल में सतीशन समेत 14 नए चेहरे शामिल हैं। सतीशन 2001 से कोच्चि के पास परावुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतते रहे हैं, लेकिन पहली बार किसी संवैधानिक पद पर आसीन हुए हैं।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश
1805 1845 तिरुवनंतपुरम