सिद्धरमैया ने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना की, प्रधानमंत्री मोदी का इस्तीफा मांगा
नरेश
- 15 May 2026, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
बेंगलुरु, 15 मई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की कड़ी निंदा करते हुए शुक्रवार को इसे वापस लेने की मांग की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस्तीफा मांगा।
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि मोदी लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरने में विफल रहे हैं, उन्होंने अर्थव्यवस्था का कुप्रबंधन किया है और आम परिवारों को अधिक कठिनाई में धकेल दिया है।
सिद्धरमैया ने कहा कि चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के बाद उम्मीद के मुताबिक केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दीं।
उन्होंने कहा, "मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर एक बार फिर अपनी विफलताओं की सजा जनता को दी है। यह सिर्फ मूल्य वृद्धि नहीं, बल्कि आम भारतीयों के दैनिक जीवन पर एक और सीधा हमला है।"
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "जैसा कि हमें आशंका थी, केंद्र सरकार की विफल विदेश नीति, खराब आर्थिक प्रबंधन और महंगाई से निपटने में लापरवाही की कीमत अब जनता से वसूली जा रही है। नागरिकों की रक्षा करने के बजाय मोदी सरकार उन्हें राजस्व का स्रोत बना रही है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 106 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है, जबकि डीजल करीब 94 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। उन्होंने कहा कि इसका असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि इससे परिवहन लागत, सब्जियों और किराने के सामान की कीमतें, दूध के दाम, निर्माण लागत, स्कूल वैन शुल्क, टैक्सी और ऑटो किराया, खेती की लागत तथा लगभग सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे।
सिद्धरमैया ने कहा कि इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, घरेलू बजट संभालने वाली महिलाओं और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा।
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि कच्चे तेल की कीमतें कम होने पर मोदी सरकार ने जनता को पूरी राहत नहीं दी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने भारी मात्रा में कर वसूल कर अपना खजाना भर लिया लेकिन कीमतें बढ़ने पर सरकार तुरंत इसका बोझ नागरिकों पर डाल देती है।
उन्होंने दावा किया, "यह शासन नहीं, बल्कि शोषण है।"
उन्होंने कहा, "मोदी सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में विफल रही है, रुपये की रक्षा करने में विफल रही है, अर्थव्यवस्था को संभालने में विफल रही है और आम आदमी के साथ खड़ी होने में भी विफल रही है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आम लोगों की रक्षा के लिए भी उतनी ही तत्परता और प्रतिबद्धता दिखाएं, जितनी वे अपने पूंजीवादी मित्रों की रक्षा के लिए दिखाते हैं।"
शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। चार वर्षों से अधिक समय बाद ईंधन की कीमतों में यह पहली बढ़ोतरी है।
कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों का घाटा बढ़ने के बीच यह वृद्धि की गई है।
यह बढ़ोतरी असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के कुछ सप्ताह बाद हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार केंद्र में सत्ता में आई थी, तब रसोई गैस (एलपीजी) की कीमत 413 रुपये प्रति सिलेंडर थी। उन्होंने पूछा, "आज इसकी कीमत कितनी है? इस बढ़ोतरी के साथ-साथ अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ गई हैं।"
उन्होंने कहा, "उपलब्धता की समस्या के साथ अगर कीमतों में भी वृद्धि होती है तो इसका सामान्य जनजीवन पर असर पड़ेगा।"
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा आयोजित कराने में "विफल" रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ रही है।
तीन मई को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच मंगलवार को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा कथित "अनियमितताओं" की व्यापक जांच के निर्देश दिए जाने पर केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने प्राथमिकी दर्ज की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की कि नीट (यूजी) की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अनियमितताओं के आरोपों के बाद किए जा रहे सुधारों के तहत, अगले वर्ष से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।
कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्यान्वयन के बारे में पूछे जाने पर सिद्धरमैया ने कहा, "एसआईआर का कार्यान्वयन किया जाएगा और हम भी इसके लिए आवश्यक तैयारियां कर रहे हैं।"
निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि कर्नाटक सहित 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 36.73 करोड़ मतदाताओं के लिए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनीक्षण के तीसरे चरण को 30 मई से चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।
जिन राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया निर्धारित है, उनमें विपक्षी शासित पंजाब, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना शामिल हैं। कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची सात अक्टूबर को जारी की जाएगी।
भाषा
राखी नरेश
नरेश
1505 2023 बेंगलुरु