दिल्ली हादसे में पिता की मौत से दो भाइयों का सेना में शामिल होने का सपना टूटा
प्रशांत
- 14 May 2026, 01:00 AM
- Updated: 01:00 AM
नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) दिल्ली के अलीपुर में बुधवार को सड़क हादसे में जान गंवाने वाले ऑटो चालक के बेटों परम शर्मा और मोहित शर्मा का सपना सशस्त्र बलों में भर्ती होना था, लेकिन पिता की मौत के साथ ही वे ख्वाब चकनाचूर हो गए।
पुलिस ने बताया कि करावल नगर निवासी और परिवार के एकमात्र कमाने वाले राजू शर्मा उन तीन लोगों में शामिल थे, जिनकी अलीपुर में एक तेज रफ्तार ट्रक द्वारा ऑटो-रिक्शा को पीछे से टक्कर मारे जाने से मौत हो गई। टक्कर के बाद ऑटो आगे खड़ी गाड़ी से जा टकराया था।
पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब सात बज कर 48 मिनट पर हुए इस हादसे में एक ही ऑटो-रिक्शा में यात्रा कर रहे एक परिवार के सदस्यों सहित चार अन्य लोग घायल हो गए।
पुलिस ने कहा कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे दो यात्री अंदर ही फंस गए, जिसके बाद बचाव दल को लोहे के मुड़े हुए ढांचे को काटकर उन्हें बाहर निकालना पड़ा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र और दिल्ली पुलिस व सेना की भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे परम ने कहा, "मेरे पिता हमारे परिवार में अकेले कमाने वाले थे। वह हर दिन सुबह 6 बजे जागते थे ताकि वे हमारे सपनों को पूरा कर सकें।"
उनका छोटा भाई मोहित भी सेना में शामिल होने की उम्मीद के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
परम ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "अब उनके चले जाने के बाद हमें नहीं पता कि हम कैसे गुजारा करेंगे। हमारे सभी सपनों को अभी के लिए रोकना होगा।"
उन्होंने कहा, "वे कह रहे हैं कि जब मेरे पिता रिक्शा चला रहे थे तो उन्हें नींद आ रही थी। मेरे पिता हमेशा की तरह सुबह 6 बजे उठे थे। इतनी कम समय में उन्हें नींद कैसे आ सकती है? उन्हें ऐसे आरोप लगाना बंद करना चाहिए।"
पुलिस के अनुसार, ऑटो-रिक्शा में सात लोग सवार थे, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी।
हादसे में राजू शर्मा, नौ साल की एक बच्ची और एक अज्ञात यात्री की मौत हो गई, जबकि चार अन्य को उनकी गंभीर स्थिति के कारण लोक नायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
परम ने कहा कि उन्होंने अभी तक अपनी मां को इस घटना के बारे में नहीं बताया है। उन्होंने कहा, "मेरी मां मधुमेह की मरीज हैं और उन्हें रक्तचाप की समस्या है। हमें नहीं पता कि उन्हें कैसे बताएं। हम अभी अपने पिता के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं।"
भाषा नोमान प्रशांत
प्रशांत
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