राजस्थान सरकार ने नीट परीक्षा में गड़बड़ी को जानबूझकर छिपाने की कोशिश की: अशोक गहलोत
खारी
- 12 May 2026, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
जयपुर, 12 मई (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी 2026' में गड़बड़ी को जानबूझकर छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया।
गहलोत ने परीक्षा रद्द करने के राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के फैसले को ''साहसिक'' बताया।
वहीं, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दावा किया कि प्रश्नपत्र राजस्थान में लीक नहीं हुआ और आरोप लगाया कि ''लीक'' की शुरुआत केरल से हुई थी।
राजस्थान पुलिस के विशेष आपरेशन समूह (एसओजी) ने इस प्रकरण में आरोपियों को कथित तौर पर हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने सहित मामले से जुड़े घटनाक्रम पर चुप्पी साधे रखी।
एनटीए ने तीन मई को आयोजित 'नीट यूजी 2026' परीक्षा रद्द करने की घोषणा करते हुए मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार ने इसमें अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का आदेश दिया है।
गहलोत ने कहा, ''नीट (यूजी) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस प्रश्नपत्र में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया।''
गहलोत के अनुसार, एनटीए ने परीक्षा रद्द करके और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ''तय कर लिया था कि वह इस मामले को सामने नहीं आने देगी'' और सवाल किया कि बिना मामला दर्ज किए जांच कैसे आगे बढ़ सकती है।
गहलोत ने दावा किया कि राज्य सरकार को कथित ''प्रश्नपत्र लीक'' के बारे में पहले ही जानकारी मिल गई थी और एसओजी ने पहले ही आरोपियों को पकड़ना शुरू कर दिया लेकिन राज्य सरकार ने इसे छिपाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, "अभ्यर्थियों ने तीन मई को परीक्षा के अगले ही दिन कथित लीक के बारे में शिकायतें करना शुरू कर दिया। उन्होंने एनटीए को लिखा। एनटीए शिकायतों से सहमत हो गया और परीक्षा रद्द कर दी।
इस प्रकरण में राज्य सरकार व राज्य पुलिस की एसओजी के रवैये पर निशाना साधते हुए कहा, ''राजस्थान की एसओजी की बदनामी हो रही है कि उसने प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की? क्यों नहीं उन्होंने रिपोर्ट भेजी?''
गहलोत ने दावा किया कि एनटीए ने नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों की शिकायतों के बारे में राजस्थान के पुलिस महानिदेशक को सूचित किया था जिसके बाद एसओजी ने जांच शुरू की और करीब 20-30 लोगों को पकड़ा गया।
उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र पेपर लीक में शामिल संगठित गिरोह राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चुनौती बन गए हैं और ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की।
कांग्रेस नेता एवं राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली तथा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
जूली ने कहा कि नीट परीक्षा का रद्द होना इस बात का साफ सबूत है कि पूरे प्रकरण में संगठित तरीके से बड़ी धांधली हुई।
उन्होंने कहा, "परीक्षा रद्द कर जांच सीबीआई को सौंपा जाना यह बताता है कि मामला कितना गंभीर और व्यापक है, यह लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खुला विश्वासघात हुआ है।"
उन्होंने कहा, "भाजपा राज में 10 साल में 89 प्रश्नपत्र लीक हुए, यही प्रश्नपत्र लीक की कड़वी सच्चाई है। हर बार बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, कार्रवाई के दावे होते हैं, लेकिन हकीकत में युवाओं की मेहनत, समय और भविष्य के साथ भाजपा सरकार लगातार खिलवाड़ कर रही है।"
कांग्रेस नेता ने कहा, "सबसे चिंताजनक बात यह है कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने सच्चाई उजागर करने के बजाय उसे दबाने की कोशिश की और दो हफ्तों तक युवाओं के भविष्य को दांव पर लगाए रखा। यह सरकार की केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सुनियोजित गैर-जिम्मेदारी और संवेदनहीनता का प्रमाण है।''
डोटासरा ने कहा, "नीट 2026 परीक्षा रद्द होना सिर्फ एक परीक्षा का निरस्त होना नहीं है, ये मोदी सरकार लीक व्यवस्था एवं भाजपा सरकार और प्रश्नपत्र लीक माफियाओं की सांठगांठ का पर्दाफाश होना है।"
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ ने दावा किया कि राजस्थान सरकार को दोष नहीं देना चाहिए।
उन्होंने कहा, "प्रश्नपत्र लीक राजस्थान में नहीं हुआ। यह केरल से हुआ। जांच होगी और दोषियों को सजा मिलेगी। प्रश्नपत्र लीक नहीं होना चाहिए था लेकिन केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई की ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य खराब न हो।"
इस बीच, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के विरोध में अजमेर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एक रैली निकाली और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात जाम हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
कई विद्यार्थियों ने भी परीक्षा रद्द होने पर निराशा जताई।
जयपुर में नीट के अभ्यर्थी अमित कुमार ने कहा कि उन्होंने दो साल तैयारी की थी और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें चयन की उम्मीद थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र लीक माफियाओं के कारण विद्यार्थियों की मेहनत बर्बाद हो रही है।
एक अन्य विद्यार्थी ने कहा कि उसके परिवार ने पढ़ाई और कोचिंग पर काफी धन खर्च किए हैं और चिंता जताई कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बार-बार ''प्रश्नपत्र लीक'' होने से विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो रहा है।
इस बीच राज्य पुलिस की एसओजी ने इस मामले में कार्रवाई आदि के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है।
भाषा पृथ्वी खारी
खारी
1205 2126 जयपुर