वाम मोर्चा का निराशाजनक चुनावी प्रदर्शन जारी, मत प्रतिशत में आई गिरावट; केवल एक सीट पर मिली जीत
दिलीप
- 05 May 2026, 07:45 PM
- Updated: 07:45 PM
कोलकाता, पांच मई (भाषा) पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा का मत प्रतिशत वर्ष 2021 के 4.73 प्रतिशत से गिरकर इस विधानसभा चुनाव में 4.45 प्रतिशत हो गया। हालांकि, पांच साल पहले खाता भी नहीं खोल पाने के बाद इस बार वह एक सीट जीतने में कामयाब रहा।
यह 2011 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चा द्वारा हासिल किए गए 39 प्रतिशत वोट से बिलकुल उलट था, जब 34 वर्षों के शासन के बाद उसने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के हाथों सत्ता गंवा दी थी। उस वर्ष, अकेले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को कुल डाले गए वोट का 30 प्रतिशत प्राप्त हुआ था।
वर्ष 2026 के राज्य चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक का रिकॉर्ड मतदान हुआ और इसमें माकपा को उन 293 सीट पर 4.45 प्रतिशत वोट मिले, जिनके लिए मतगणना हुई थी। मुर्शिदाबाद जिले की डोमकल सीट पर इसने जीत हासिल की, जबकि अन्य वाम मोर्चा उम्मीदवारों को करारी हार का सामना करना पड़ा।
इस चुनाव में वाम मोर्चा के अन्य किसी भी घटक दल को एक प्रतिशत वोट भी नहीं मिल सका।
माकपा मुर्शिदाबाद जिले की केवल दो सीट - भगवांगोला और जलांगी - पर ही दूसरे स्थान पर रही।
बांग्लादेश की सीमा से लगे मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में पिछले साल वक्फ संशोधन अधिनियम के क्रियान्वयन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए थे।
माकपा के सबसे चर्चित उम्मीदवार वरिष्ठ अधिवक्ता बिकाश रंजन भट्टाचार्य, पार्टी केंद्रीय समिति सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी और एसएफआई अखिल भारतीय संयुक्त सचिव दीपसिता धर अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में शीर्ष दो स्थानों में भी जगह बनाने में असफल रहे।
वाम मोर्चे ने 294 में से 252 निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे, जिनमें माकपा ने 195 सीट पर, आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक ने 23 सीट पर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने 16 सीट पर, आरएसपी ने 16 सीट पर और आरसीपीआई तथा मार्क्सवादी फारवर्ड ब्लाक ने एक-एक सीट पर चुनाव लड़ा।
वाम मोर्चे ने इस चुनाव में आल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) और भाकपा (माले) लिबरेशन के साथ गठबंधन किया था। माकपा राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा कि मोर्चे के अथक प्रयासों के बावजूद कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन नहीं हो सका।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीट पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया और दो सीट जीतने में कामयाब रही, जबकि एआईएसएफ ने भांगर सीट बरकरार रखी, जिसपर उसने 2021 के चुनाव में भी जीत हासिल की थी।
वाम मोर्चा, कांग्रेस और एआईएसएफ ने 2021 के विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे की व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में वाम मोर्चा और कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी।
भाषा अमित दिलीप
दिलीप
0505 1945 कोलकाता