उप्र:उत्साह के साथ मनाया गया अक्षय तृतीया का पर्व, मुख्यमंत्री ने लोगों को शुभकामनाएं दीं
संतोष
- 19 Apr 2026, 03:53 PM
- Updated: 03:53 PM
लखनऊ/वाराणसी/मथुरा/अयोध्या (उप्र), 19 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश में रविवार को अक्षय तृतीया का पर्व धूम-धाम से मनाया गया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
हालांकि, मथुरा समेत कई प्रमुख स्थानों पर सोमवार को भी यह पर्व मनाया जाएगा।
उप्र के मुख्यमंत्री योगी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' खाते पर एक पोस्ट में कहा, ''समृद्धि, सौभाग्य और पुण्य प्राप्ति के प्रतीक पावन पर्व अक्षय तृतीया की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।''
उन्होंने कहा, ''भगवान श्री विष्णु जी एवं मां लक्ष्मी जी से प्रार्थना है कि यह पावन दिन सभी के जीवन में सुख, समृद्धि लाने के साथ मंगलमयता का संचार करे तथा हर घर को आनंद और उन्नति प्रदान करे।''
अक्षय तृतीया के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में बाबा श्री काशी विश्वनाथ को शीतलता प्रदान करने के लिए फव्वारा व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि पावन फव्वारा सेवा की शुरुआत रविवार की सायंकालीन सप्तऋषि आरती के साथ की जाएगी। यह व्यवस्था रक्षाबंधन तक प्रतिदिन निरंतर रूप से बाबा की सेवा में समर्पित रहेगी।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि मान्यता है कि ग्रीष्म ऋतु में यह फव्वारा श्री विश्वेश्वर को शीतलता प्रदान करने के लिए स्थापित किया जाता है।
यह केवल एक धार्मिक व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समस्त काशीवासियों एवं श्रद्धालुओं की गहन आस्था एवं भावनाओं का प्रतीक भी है।
मंदिर प्रशासन ने कहा कि समस्त श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे इस दिव्य व्यवस्था का दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें तथा परंपरा के संरक्षण में सहभागिता निभाएं।
मथुरा में रविवार से ही प्रमुख मंदिरों के बाहर भक्तों का जनसैलाब उमड़ता दिखा, क्योंकि शहर के मंदिर सोमवार को होने वाले अक्षय तृतीया समारोहों की तैयारियों में जुटे हैं।
इतिहासकार और श्री बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन के सेवायत प्रह्लाद बल्लभ गोस्वामी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि शहर के प्रमुख मंदिर किसी भी अवसर या त्योहार को हिंदू पंचांग की 'उदया तिथि' (सूर्योदय की तिथि) के आधार पर मनाते हैं।
गोस्वामी ने कहा कि अक्षय तृतीया सोमवार को सूर्योदय के समय पड़ रही है, इसलिए मंदिर में अक्षय तृतीया का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा।
श्री बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन भक्तों को ठाकुर जी महाराज के चरण-कमलों के दर्शन करने का अवसर मिलता है। ये दर्शन साल में केवल इसी दिन उपलब्ध होते हैं।
गोवर्धन में भी बड़ी संख्या में भक्त महा-अभिषेक करते और परिक्रमा लगाते हुए देखे जाते हैं, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इस दिन परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
वृंदावन के ऐतिहासिक राधा दामोदर मंदिर में सोमवार की सुबह से ही तैयारियां शुरू हो जाएंगी, जब सेवायत चंदन के लेप में कपूर, केसर और इत्र मिलाकर उसे ठाकुर जी को लगाएंगे।
श्री राधा दामोदर मंदिर के सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया, "ठाकुर जी चंदन के लेप से बने मुकुट, आभूषण और वस्त्र धारण करते हैं।"
उन्होंने बताया कि इन वस्त्रों को तैयार करने में पूरा एक दिन लग जाता है और ठाकुर जी इन वस्त्रों में केवल शाम के समय ही दर्शन देते हैं। ठाकुर राधा वल्लभ कल लाल चंदन से बने 'हाथ फूल' और 'पायल' धारण करेंगे।
श्री राधावल्लभ मंदिर, वृंदावन के सेवायत सुकृति गोस्वामी ने कहा, "कल से मंदिर में 'फूल बंगला उत्सव' शुरू होगा। मंदिर में ठाकुर जी को गर्मियों के मौसम के अनुकूल भोग भी अर्पित किया जाएगा, जिसमें ठंडाई, विभिन्न प्रकार के शरबत, लस्सी और मौसमी फल शामिल होंगे।"
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि पूरे वृंदावन को तीन जोन और 11 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां पुलिसकर्मी और मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।
इसके अलावा, दस मेडिकल टीम और पांच एम्बुलेंस भी विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए, भक्तों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर पंखे और कूलर लगाए गए हैं, साथ ही बैठने के लिए चटाइयां बिछाई गई हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे भक्तों के लिए 24 घंटे पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
अयोध्या में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर एक विशाल आध्यात्मिक समागम देखने को मिला, जहां राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए हजारों की संख्या में भक्त एकत्रित हुए।
रविवार की सुबह से ही राम मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी जिनमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए भक्त ठाकुर जी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचे थे।
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने कहा, "अक्षय तृतीया को हिंदू परंपरा में सबसे पवित्र दिनों में से एक माना जाता है और इसका संबंध भगवान राम से है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने इसी दिन सत्य का अपना पवित्र संकल्प लिया था।"
मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया पर राम लला के दर्शन करने से अनंत आशीर्वाद और समृद्धि मिलती है, जिसके कारण भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
अयोध्या के पुलिस अधीक्षक (नगर) चक्रपाणि त्रिपाठी ने कहा कि इस उत्सव के अवसर पर अयोध्या में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी।
मिश्रा ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर अयोध्या के सभी मंदिरों में विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की गईं।
भाषा सं आनन्द
संतोष
संतोष
1904 1553 लखनऊ