तृणमूल ने महिलाओं के साथ 'विश्वासघात' किया, विधानसभा चुनावों में सजा मिलेगी : प्रधानमंत्री मोदी
संतोष
- 19 Apr 2026, 02:14 PM
- Updated: 02:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
बांकुड़ा (बंगाल), 19 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस पर संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित होने से रोककर महिलाओं के साथ ''विश्वासघात'' करने का आरोप लगाया और कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में महिलाएं सत्तारूढ़ दल को सजा देंगी।
बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पर उस विधेयक का विरोध करने को लेकर हमला बोला, जिसका उद्देश्य 2029 से पहले संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना था। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए झटका माने जा रहे इस विधेयक के पारित न होने को पश्चिम बंगाल में भावनात्मक चुनावी मुद्दे में बदलने की कोशिश की, जहां महिला मतदाता और कल्याणकारी योजनाओं की लाभार्थी महिलाएं सबसे निर्णायक वोट बैंक बनकर उभरी हैं।
तृणमूल को बचाव की स्थिति में लाने की कोशिश करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है, क्योंकि वे पश्चिम बंगाल में तृणमूल के 'महाजंगलराज' को चुनौती दे रही हैं।
उन्होंने कहा, ''तृणमूल महिलाओं के सशक्तिकरण और आरक्षण के पक्ष में नहीं है। वह नहीं चाहती कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं बड़ी संख्या में सांसद और विधायक बनें, क्योंकि राज्य की महिलाएं उसके 'महाजंगलराज' को चुनौती दे रही हैं। यही कारण है कि उसने कांग्रेस के साथ मिलकर साजिश की और विधेयक का विरोध किया। पश्चिम बंगाल की महिलाएं इस चुनाव में तृणमूल को सजा देंगी।''
यह विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका। इसके पक्ष में 298 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 230 ने विरोध में वोट डाला। विधेयक को पारित कराने के लिए 352 मतों की आवश्यकता थी।
मोदी ने भाजपा की तथाकथित महिला सशक्तीकरण की राजनीति और तृणमूल द्वारा पश्चिम बंगाल की महिलाओं के साथ किए गए ''विश्वासघात'' के बीच स्पष्ट अंतर दिखाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, ''भाजपा की पहचान महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा से जुड़ी है। हम चाहते हैं कि विकसित भारत के निर्माण में बेटियों की भूमिका बढ़े और अधिक से अधिक बेटियां राजनीति में आएं। लेकिन आपने संसद में देखा कि क्या हुआ। तृणमूल ने पश्चिम बंगाल की बहनों के साथ एक बार फिर विश्वासघात किया है।''
पश्चिम बंगाल के लगातार ध्रुवीकृत होते चुनावी माहौल में महिला आरक्षण विधेयक का पारित न होने ने भाजपा को अचानक नया हमला बोलने का मुद्दा दिया है। भाजपा यहां तृणमूल कांग्रेस के मजबूत महिला वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए मोदी ने तृणमूल पर घुसपैठियों को खुश करने और महिलाओं को उनका हक न देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''यही तृणमूल घुसपैठियों को लाभ पहुंचाने के लिए हर कानून और हर नियम तोड़ती है, लेकिन महिला सशक्तीकरण का विरोध करती है। यही तृणमूल धर्म के आधार पर आरक्षण देने में लगी है। यह संविधान की भावना का गला घोंट रही है।''
मोदी ने जंगलमहल क्षेत्र में भाजपा को आदिवासी सशक्तीकरण की पार्टी के रूप में पेश करने की भी कोशिश की और तृणमूल तथा कांग्रेस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''आदिवासी विरोधी तृणमूल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया। तृणमूल और कांग्रेस दोनों ही आदिवासी विरोधी हैं। यही कारण है कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारा था।''
उन्होंने कहा, ''तृणमूल आदिवासी बेटियों और बहनों से नफरत करती है। भाजपा ने देश को पहला आदिवासी राष्ट्रपति दिया, क्योंकि हम आदिवासी समुदायों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।''
मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल ने कुर्मी समुदाय की शिकायतों को नजरअंदाज किया, जबकि अपने ''वोट बैंक'' को चुनिंदा लाभ देने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, ''तृणमूल कुर्मी समुदाय की समस्याएं नहीं सुनती, लेकिन अपने वोट बैंक को आरक्षण देना चाहती है।''
तृणमूल की कल्याणकारी योजनाओं के मुकाबले अपनी रणनीति पेश करते हुए मोदी ने कहा कि अगर राज्य में भाजपा सत्ता में आती है तो महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की जाएंगी।
उन्होंने कहा, ''जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी, तब गरीबों को मुफ्त राशन मिलेगा। कोई आपका राशन छीन नहीं पाएगा।''
उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर बनाने के लिए 1.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी और आरोप लगाया कि राज्य सरकार उन्हें केंद्र की योजनाओं का लाभ नहीं लेने दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''तृणमूल सरकार के भ्रष्टाचार के कारण पश्चिम बंगाल की महिलाओं को वे सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जो भाजपा शासित राज्यों की महिलाओं को मिलती हैं। इस निर्मम सरकार ने यहां आयुष्मान भारत योजना बंद कर दी है। जैसे ही भाजपा सरकार बनेगी, महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।''
मोदी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, बच्चे के जन्म पर महिलाओं को 5,000 रुपये दिए जाएंगे और बालिकाओं की शिक्षा के लिए 50,000 रुपये दिए जाएंगे।
भाजपा चुनाव को ''डर'' और ''भरोसे'' की लड़ाई के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। इसी क्रम में मोदी ने कहा कि उनकी रैली में उमड़ी भीड़ सत्तारूढ़ दल के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, ''यह उत्साह तृणमूल की 'निर्मम सरकार' के खिलाफ लोगों के गुस्से का प्रतिबिंब है।''
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का बदलता माहौल तृणमूल नेताओं के बयानों और प्रतिक्रियाओं में साफ दिखाई दे रहा है।
मोदी ने दावा किया कि जो लोग अब तक पश्चिम बंगाल में दहशत फैलाते थे, अब वे खुद डरे हुए हैं।
उन्होंने तृणमूल समर्थित गिरोहों और स्थानीय दबंगों पर भी निशाना साधते हुए कहा, ''मैं तृणमूल के सभी गुंडों और गिरोहों को आखिरी मौका दे रहा हूं। 23 और 29 अप्रैल से पहले अपने नजदीकी पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दें। चार मई के बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा।''
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती चार मई को होगी।
भाषा गोला संतोष
संतोष
1904 1414 बांकुड़ा