'भारत की अवधारणा' की रक्षा के लिए संसद में परिसीमन विधेयक को नामंजूर किया गया: राहुल गांधी
धीरज
- 18 Apr 2026, 03:31 PM
- Updated: 03:31 PM
(तस्वीरों के साथ)
चेन्नई, 18 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि विपक्षी दलों ने संसद में परिसीमन से जुड़े विधेयक को "भारत की अवधारणा" की रक्षा के लिए खारिज किया।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए पोन्नेरी में गांधी ने कहा कि केंद्र की भाजपा-नीत सरकार 16 अप्रैल को नया विधेयक लेकर आई और दावा किया कि वह महिला आरक्षण विधेयक पारित कराना चाहती है। गांधी ने कहा कि उनके अनुसार यह विधेयक 2023 में ही पारित हो चुका है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "तथाकथित महिला विधेयक में परिसीमन छिपाया गया था। इसका उद्देश्य भारत संघ में तमिलनाडु के प्रतिनिधित्व को कम करना था... भाजपा ने दक्षिणी राज्यों, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर राज्यों की ताकत को कमजोर करने के लिए परिसीमन से जुड़ा कदम उठाया था।"
उन्होंने कहा, "हमने संसद में उस विधेयक को खारिज किया, जिसमें परिसीमन छिपा हुआ था; हमने भारत की अवधारणा की रक्षा के लिए इसे खारिज किया।"
राहुल गांधी ने कहा कि भारत राज्यों का एक संघ है और हर राज्य की अपनी आवाज होनी चाहिए, उन्हें खुद को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता मिले और अपनी परंपराओं की रक्षा करने का अधिकार हो।
उन्होंने कहा, "चुनाव पहले एक वैचारिक लड़ाई है, दूसरा यह राजनीतिक संघर्ष है। यह दबाव बनाम सहमति की लड़ाई है।"
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी ऐसा भारत चाहती है "जहां दो-तीन कंपनियां सब कुछ नियंत्रित करें।"
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा तर्कवादी नेता ई. वी. रामासामी 'पेरियार' के विचारों, राज्य के शासन मॉडल और सामाजिक न्याय की अवधारणा को खत्म करना चाहती है।
गांधी ने लोगों से "आरएसएस-भाजपा के इस हमले को रोकने" की अपील की।
उन्होंने भाजपा की सहयोगी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह अब पहले जैसी पार्टी नहीं रही, जो राज्य के लोगों के लिए काम करती थी।
उन्होंने आरोप लगाया, "जब आप अन्नाद्रमुक का झंडा या उसके नेता देखते हैं, तो याद रखें कि वे पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह के नियंत्रण में हैं, उनके भ्रष्टाचार के कारण। नयी अन्नाद्रमुक सिर्फ एक मुखौटा है, जिसके पीछे भाजपा छिपी है।"
गांधी ने कहा कि अन्नाद्रमुक अब "मजह खोल" रह गई है।
उन्होंने कहा कि कभी यह पार्टी द्रमुक की तरह तमिलनाडु के लोगों की रक्षा की मजबूत परंपरा बरकरार रखे हुए थी, लेकिन वह "अन्नाद्रमुक काफी पहले खत्म हो चुकी है।"
कांग्रेस नेता आरोप लगाया, " मोदी और अमित शाह ने अन्नाद्रमुक को अंदर से खत्म कर दिया है। भाजपा ने अन्नाद्रमुक को नष्ट कर दिया है, अब अन्नाद्रमुक जैसा कुछ नहीं बचा।"
हालांकि, राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस अपने सहयोगियों को बराबरी का दर्जा देती है और उन्हें एजेंसियों के जरिए दबाने की कोशिश नहीं करती।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर "दिल्ली से तमिलनाडु को चलाने" की मंशा रखने का आरोप लगाया।
गांधी ने कहा कि दुनिया में कोई ताकत तमिलनाडु या तमिल भाषा को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण भाषा नहीं है, बल्कि "हजारों वर्षों के अनुभव और स्मृतियों" का प्रतिनिधित्व करती है।
उन्होंने अन्नाद्रमुक पर यह भी आरोप लगाया कि वह अमित शाह व मोदी के निर्देशों का पालन कर रही है।
उन्होंने कहा, "पुराने समय की सेनाओं की तरह, भाजपा तमिल भाषा पर हमला करना, इतिहास को नष्ट करना और तमिल संस्कृति को तोड़ना चाहती है। हम कभी ऐसा नहीं होने देंगे।"
गांधी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री "एक देश, एक नेता, एक भाषा, एक व्यक्ति" की बात करते हैं, तो वह भारत के संविधान पर हमला करते हैं।
उन्होंने दोहराया कि भारत राज्यों का एक संघ है और हर राज्य को अपनी आवाज, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अपनी परंपराओं की रक्षा का अधिकार होना चाहिए।
भाषा जोहेब धीरज
धीरज
1804 1531 चेन्नई