हिसार के जीजेयू में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में छह लोग हिरासत में
नरेश
- 17 Apr 2026, 07:35 PM
- Updated: 07:35 PM
हिसार, 17 अप्रैल (भाषा) गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू एस एंड टी) में एक दिन पहले हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में शुक्रवार को छह लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
विश्वविद्यालय में उस समय तनाव फैल गया जब प्रशासन ने जननायक जनता पार्टी (जजपा) की युवा शाखा को परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ।
पुलिस के अनुसार, जजपा की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं समेत करीब 250-260 लोग दोपहर लगभग सवा 12 बजे परिसर के पास स्थित यादव धर्मशाला सामुदायिक केंद्र में इकट्ठा हुए और कुलपति कार्यालय की ओर मार्च निकाला।
जजपा युवा शाखा के प्रमुख दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च के दौरान गेट नंबर-3 के पास तैनात पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच उस वक्त झड़प हो गई, जब प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कार्यालय में घुसने का प्रयास किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने, दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप में मामला दर्ज किया है।
दिग्विजय चौटाला ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के प्रति "दमनकारी नीति" अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "हमने छात्रों की समस्याएं समझने और उनसे संवाद करने के लिए जीजेयू प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके विपरीत, भाजपा के कार्यक्रमों को तुरंत अनुमति दी जाती है।"
पुलिस के अनुसार हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों व पूर्व अनुभवों का हवाला देते हुए 'छात्र संवाद' कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी।
जीजेयू के कुलपति नरसी राम बिश्नोई ने बृहस्पतिवार को एक बयान में घटना की निंदा की और 2019 की एक घटना का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पांच अगस्त 2019 को इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (आईएनएसओ) के एक सदस्य ने संगठन का स्थापना दिवस मनाने के लिए विश्वविद्यालय का मुख्य सभागार बुक किया था, जिसमें काफी नुकसान हुआ था।
उन्होंने कहा, "नियमों के अनुसार नुकसान की भरपाई के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जो अब तक जमा नहीं किया गया है। यही कारण है कि बकाया राशि चुकाए बिना आईएनएसओ को भविष्य में किसी भी कार्यक्रम के लिए सभागार उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।"
कुलपति ने आरोप लगाया, "बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन की आड़ में कुछ लोग गुंडागर्दी करने के इरादे से आए थे और उन्होंने अपनी मांगों की कोई औपचारिक सूची भी नहीं सौंपी।"
भाषा
खारी नरेश
नरेश
1704 1935 हिसार