हरिवंश राज्यसभा के तीसरी बार बने उपसभापति; उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सदस्यों ने बधाई दी
माधव
- 17 Apr 2026, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही विभिन्न दलों के सदस्यों ने शुक्रवार को नवनिर्वाचित उपसभापति हरिवंश को बधाई दी तथा सदन में उनके आचरण की सराहना की।
हरिवंश इस पद पर तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं।
सदन के नेता जेपी नड्डा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें पुनः निर्वाचित होने पर बधाई दी।
राधाकृष्णन ने कहा, "उनका निर्विरोध निर्वाचन मात्र एक औपचारिक परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस उच्च सदन के सभी वर्गों और दलों के बीच उनके प्रति गहरे विश्वास, भरोसे और सम्मान की प्रबल पुष्टि है।"
सभापति ने लगातार तीसरी बार इस उच्च संवैधानिक पद पर हरिवंश के निर्वाचन को दुर्लभ उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, "यह न केवल निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि कर्तव्यों के निर्वहन में निष्पक्षता, संयम और संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का भी परिचायक है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनका लगातार तीसरी बार इस पद के लिए चुना जाना अपने आप में गहरा प्रमाण है कि सदन को उन पर कितना भरोसा है।
नड्डा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि हरिवंश अपने सार्वजनिक जीवन में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहे हैं और अपना जीवन सत्यनिष्ठा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि विचारों में स्पष्टता और सामंजस्य उनके व्यक्तित्व की पहचान रहे हैं।
उन्होंने निर्विरोध निर्वाचन के लिए राजग के सहयोगियों और विपक्षी दलों को धन्यवाद दिया और हरिवंश के सफल कार्यकाल की कामना की।
विपक्ष के नेता खरगे ने चुनाव को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि हरिवंश पहले मनोनीत सदस्य हैं जो उपसभापति बने हैं। उन्होंने कहा , ''इस पद पर आपका चुनाव एक मिसाल कायम करता है, यह साबित करता है कि आप इस पद के योग्य हैं।''
उन्होंने हालांकि, संस्थागत कामकाज पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद 2019 से खाली है। उन्होंने पूछा, ''हम लोकतंत्र की बात करते हैं लेकिन उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं कर सकते, इसका क्या मतलब है?'' उन्होंने सरकार से इस पद को भरने का आग्रह किया।
इसी बीच, हरिवंश के निर्वाचन के लिए प्रस्ताव पेश किए जाने के दौरान तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।
अपने निर्वाचन के के बाद हरिवंश ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि वह सदन की गरिमा बनाए रखने, सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करने और कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का हर संभव प्रयास करेंगे।
द्रमुक नेता तिरुचि शिवा ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि किसी मनोनीत सदस्य का पहली बार इस पद पर निर्वाचित होना एक उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह उच्च सदन की पूर्व उपसभापति नजमा हेपतुल्ला के चार कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी या उसे पार करेंगे। उन्होंने हरिवंश को "विवेकपूर्ण और योग्य व्यक्ति" बताया।
कई सदस्यों ने तीखी बहस के दौरान संयम बनाए रखने की हरिवंश की क्षमता की सराहना की।
अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरई ने कहा कि किसी भी पीठासीन अधिकारी की सफलता सदस्यों की भावनाओं को समझने में निहित होती है।
राजद नेता मनोज झा ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ हरिवंश के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका पुनर्निर्वाचन उस दिन हुआ है जब पूर्व प्रधानमंत्री की जन्मशती है। उन्होंने छोटे दलों को बोलने के पर्याप्त अवसर देने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने हरिवंश को बधाई देते हुए उनकी समाजवादी विचारधारा को बी. आर. आंबेडकर और राम मनोहर लोहिया की विरासत से जोड़ा और चर्चा में छोटे दलों को अधिक समय देने की मांग की।
जद (यू) के संजय झा ने हरिवंश के लंबे राजनीतिक संबंधों का उल्लेख किया, जबकि बीआरएस के वद्दिराजू रविचंद्र ने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीलैड) को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया।
माकपा सदस्य जॉन ब्रिटास ने हरिवंश की पत्रकारिता पृष्ठभूमि और सदन की गरिमा बनाए रखने की उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए निलंबित सदस्यों की वापसी के उनके प्रयासों का जिक्र किया।
पूर्व प्रधानमंत्री और जद (एस) नेता एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने पिछले चार वर्षों में हरिवंश को सदन का संचालन करते देखा है और उनके प्रदर्शन को "उत्कृष्ट" बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें हरिवंश को अनुशासन बनाए रखते और आसन पद से कार्यवाही का प्रभावी संचालन करते देखकर बेहद खुशी हुई है।
आप सदस्य राघव चड्ढा ने हरिवंश को उपसभापति के रूप में "तीसरी पारी" शुरू करने पर बधाई दी। अपने पूर्व संबंधों का जिक्र करते हुए चड्ढा ने कहा कि उनके बीच का रिश्ता "खट्टा-मीठा" था, हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अब यह "मीठा-मीठा" हो जाएगा।
बीजद के मानस रंजन मंगराज, राकांपा का प्रफुल्ल पटेल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, झामुमो के सरफराज अहमद, माकपा के पी संदोष कुमार, आईयूएमएल के अब्दुल वहाब, शिवसेना के मिलिंद मुरली देवरा, शिवसेना (उबाठा) के संजय राउत, आरएलएम के उपेन्द्र कुशवाहा, तेदेपा के मस्तान राव यादव बीधा, आम आदमी पार्टी के संदीप पाठक, असम गण परिषद के वीरेंद्र प्रसाद बैश्य तथा केसी (एम) सदस्य जोस के मणि ने भी हरिवंश को बधाई दी।
भाषा अविनाश माधव
माधव
1704 1839 संसद