आप ने अपने कार्यालयों के लिए भूमि आवंटन पर न्यायालय से याचिका वापस ली
प्रशांत माधव
- 17 May 2024, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) आम आदमी पार्टी ने अपने कार्यालयों के निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजधानी में भूमि आवंटन की मांग वाली अपनी याचिका शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय से वापस ले ली।
आप की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ के समक्ष कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल न्यायाधीश पीठ इस मामले की नियमित सुनवाई कर रही है।
सिंघवी ने कहा, “मैं इसे वापस लेना चाहता हूं।” उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद शीर्ष अदालत में अपील की स्वतंत्रता मांगी।
शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा, “हम विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को वापस लेने की अनुमति देते हैं और इस न्यायालय के समक्ष किए गए अनुरोध के संदर्भ में, यदि याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय के समक्ष कार्यवाही के अंतिम परिणाम से व्यथित है, तो हम याचिकाकर्ता को कानून के अनुसार उचित कार्यवाही अपनाने की स्वतंत्रता देते हैं।”
आप ने उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी याचिका में केंद्र सरकार को नयी दिल्ली में उपयुक्त भूमि आवंटित करने के लिए कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है ताकि पार्टी अपनी राष्ट्रीय और दिल्ली राज्य इकाइयों के लिए जल्द से जल्द कार्यालय का निर्माण कर सके।
इसने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने का भी अनुरोध किया कि आवंटित भूमि अधिमानतः दिल्ली के केंद्रीय इलाके में स्थित क्षेत्रों में हो और बाधाओं और अतिक्रमणों से मुक्त है ताकि निर्माण तुरंत शुरू हो सके।
याचिका में भूमि आवंटन के लिए आप के अनुरोध को खारिज करने वाले आवासन मंत्रालय के 26 जून और 15 सितंबर के पत्रों को रद्द करने की भी मांग की गई है।
पार्टी के अनुरोध को इस आधार पर खारिज कर दिया गया कि आवंटन के लिए दीन दयाल उपाध्याय मार्ग या दिल्ली के अन्य केंद्रीय क्षेत्रों में कोई खाली भूमि उपलब्ध नहीं थी।
उच्चतम न्यायालय ने इस साल की शुरुआत में आप को राउज एवेन्यू में उसके कार्यालय खाली करने का निर्देश दिया था क्योंकि जिस जमीन पर वह स्थित थी वह दिल्ली उच्च न्यायालय को उसकी जिला अदालतों के विस्तार के लिए आवंटित की गई थी।
दिल्ली की सत्तारूढ़ पार्टी ने उसके राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे को देखते हुए उसके कार्यालयों के लिए उपयुक्त जमीन की मांग की है।
भाषा प्रशांत