केंद्रीय बजट 2047 तक विकसित भारत बनाने की यात्रा में निर्णायक मील का पत्थर: भाजपा सांसद
सुभाष
- 10 Feb 2026, 03:58 PM
- Updated: 03:58 PM
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद अपराजिता सारंगी ने केंद्रीय बजट को 'ऐतिहासिक' और 2047 तक विकसित भारत बनाने की यात्रा में निर्णायक मील का पत्थर बताते हुए मंगलवार को कहा कि देश वैश्विक निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य की तरह उभर रहा है।
भाजपा सांसद ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ''
यह बजट सरकार की प्रतिबद्धता, संकल्प और निरंतरता को दर्शाता है तथा जन केंद्रित और समावेशी प्रकृति का है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत बनाना है और यह बजट निश्वित रूप से इस लक्ष्य की यात्रा की ओर बहुत मजबूत कदम है।''
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट केवल संख्याओं और आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि 'विकसित भारत की यात्रा' में एक निर्णायक मील का पत्थर है।
सारंगी ने कहा कि यह बजट ऐसे समय में आया है जब भारत विकास यात्रा पर तेजी से बढ़ रहा है और दुनिया भी इसे मानती है।
उन्होंने कहा कि आज देश में विदेशी मुद्रा भंडार का स्तर उच्च बना हुआ है। भाजपा सांसद ने कहा कि दिसंबर 2025 में मुद्रास्फीति 1.7 प्रतिशत दर्ज की गई जबकि 2011 से 2014 (संप्रग सरकार के समय) के बीच औसत मुद्रास्फीति 9.8 प्रतिशत थी।
भाजपा सदस्य ने कहा कि बेरोजगारी की दर हर दिन घट रही है और आज यह 4.8 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि हमारा देश वैश्विक निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य की तरह उभर रहा है और ऐसी आर्थिक स्थिति की जब पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है, तब यह केवल संयोग नहीं है।
सारंगी ने कहा, ''यह सरकार के अनुशासित वित्तीय प्रबंधन, संरचनात्मक सुधारों और स्पष्ट नीति का प्रमाण है।''
उन्होंने कहा कि बजट से स्पष्ट है कि सरकार ने दीर्घकालिक विकास का मार्ग चुना है और अवसंरचना, संस्थानों एवं औद्योगिक क्षमता निर्माण में सतत निवेश को अपनाया है।
सारंगी ने कहा कि 2014 में जहां सार्वजनिक पूंजी व्यय केवल दो लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, ''मेरा मानना है कि बजट में सेमीकंडक्टर मिशल 2.0, दुर्लभ खनिज कॉरिडोर और डेटा सेंटर आदि पर ध्यान देने से भारत की दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी और हम भविष्य के लिए तैयार (फ्यूचर रेडी) होंगे।''
सारंगी ने कहा कि विभिन्न देशों समेत यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते इस बात का संकेत हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश कठिन वैश्विक परिस्थितियों में भी तेजी से काम कर रहा है।
उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र को आधारस्तंभ करार देते हुए कहा, ''देश में आज 7.47 करोड़ ऐसे उद्यम हैं जो 33 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहे हैं। यह खेती के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता क्षेत्र है।''
भाषा
वैभव सुभाष
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