देश को सशक्त और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाने में बजट की भूमिका निर्णायक : पंकज चौधरी
आनन्द रवि कांत
- 03 Feb 2026, 07:58 PM
- Updated: 07:58 PM
लखनऊ, तीन फरवरी (भाषा) केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को कहा कि 2026-27 का बजट उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एक फरवरी को प्रस्तुत किया गया केंद्रीय बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक सशक्त और दूरदर्शी 'विजन डॉक्यूमेंट' है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
चौधरी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने आमजन की सुविधाओं, नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास पर निरंतर ध्यान केंद्रित किया है। इसी सोच का स्पष्ट प्रतिबिंब बजट 2026-27 में देखने को मिलता है, जो किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए इसके लिए अब तक का सबसे निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां आधारभूत संरचना का बजट मात्र दो लाख करोड़ रुपये था, वहीं इसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर अब 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो अपने आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने बजट की विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर" के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो देश की सैन्य शक्ति तथा आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को और सुदृढ़ करेंगे।
चौधरी ने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात दी गई है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी एवं वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगे।
उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवेज़ शुरू किए जाएंगे, जिससे लॉजिस्टिक्स अधिक किफायती होगी। इसी क्रम में वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड, 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना तथा खादी, हथकरघा, रेशम और टेक्सटाइल उद्योगों के लिए विशेष समर्थन का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के छोटे और कुटीर उद्योगों की प्रतिस्पर्धा क्षमता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
भाषा
आनन्द रवि कांत
0302 1958 लखनऊ