बजट पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला: सिन्हा
नरेश
- 01 Feb 2026, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
जम्मू, एक फरवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को व्यावहारिक बताते हुए कहा कि यह कुछ ही वर्षों में भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा तय करने वाला है और इसमें विकास की महत्वाकांक्षाओं तथा सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन साधने वाली व्यापक वित्तीय रणनीति अपनायी गयी है।
सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में पर्वतीय इलाके के ठोस विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे और पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा, "बजट 2026-27 व्यावहारिक है। यह आर्थिक गति को प्राथमिकता देने वाला, भविष्य के बुनियादी ढांचे का निर्माण करने वाला, विकास की रफ्तार को बरकरार रखने वाला और कुछ ही वर्षों में पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करने वाला है। इसकी व्यापक वित्तीय रणनीति विकास और सामाजिक कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखेगी।"
उपराज्यपाल ने कहा कि बजट सात रणनीतिक क्षेत्रों में आर्थिक विस्तार को तेज करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विनिर्माण क्षमताओं को आगे बढ़ाने पर जोर देता है।
उन्होंने कहा कि बजट का उभरते उद्योगों पर परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत सेमीकंडक्टर क्षेत्र को नयी गति मिलेगी और विशेष रेयर अर्थ जोन के माध्यम से भारत की अन्य देशों पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।
सिन्हा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित करने से भारत की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हर आर्थिक क्षेत्र को मजबूत करेगी। यह प्रगतिशील वित्तीय खाका समग्र क्षेत्रीय विस्तार और वैश्विक पहचान की नींव रखेगा।
उन्होंने कहा कि यह बजट कुछ वर्षों में पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की प्रक्रिया को तेज करेगा और दो दशकों से भी कम समय में विकसित अर्थव्यवस्था बनने की महत्वाकांक्षी परिकल्पना को प्रस्तुत करता है।
उपराज्यपाल ने कहा कि बजट युवाओं, महिलाओं और किसानों के सशक्तीकरण का भी वादा करता है।
उन्होंने कहा, "विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, एमएसएमई, स्वास्थ्य, शहरी विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स और आपूर्ति नेटवर्क भविष्य की रणनीति के केंद्र में हैं। इससे घरेलू उत्पादन का विस्तार होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जा सकेगा।"
भाषा राखी नरेश
नरेश
0102 1904 जम्मू