कारोबारी की 'आत्महत्या' : कर्नाटक के गृह मंत्री ने पुलिस को जांच का निर्देश दिया
पवनेश
- 31 Jan 2026, 07:29 PM
- Updated: 07:29 PM
बेंगलुरु, 31 जनवरी (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने शनिवार को कहा कि पुलिस को 'कॉन्फिडेंट ग्रुप' के अध्यक्ष सी जे राय की ''आत्महत्या'' के मामले में जांच का निर्देश दिया गया है। राय ने अपने कार्यालय में तब गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जब आयकर विभाग के अधिकारी दिसंबर की तलाशी के संबंध में वहां मौजूद थे।
पत्रकारों से बातचीत में परमेश्वर ने कहा कि आयकर विभाग ने पूर्व में राय की कंपनी पर छापेमारी की थी और वैधानिक प्रविधियों को पूरा करने की प्रक्रिया में था।
उन्होंने कहा, ''पिछले साल दिसंबर में उनकी कंपनी पर छापा मारा गया था। नियम के अनुसार 60 दिन के भीतर अदालत में आरोपपत्र दाखिल करना होता है। उन्हें चार फरवरी से पहले इसे अंतिम रूप देना था। इसलिए उन्हें तलब किया गया था।''
परमेश्वर ने बताया कि राय हाल में विदेश से लौटे थे और अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे थे।
परमेश्वर ने कहा, ''तीन दिन पहले वह दुबई से लौटे थे। आयकर विभाग के अधिकारी उनका बयान दर्ज करने उनके कार्यालय गए थे। उन्होंने जवाब भी दिए।''
उन्होंने कहा, ''इसी बीच, राय ने अधिकारियों से कहा कि वह पांच मिनट में वापस आ जाएंगे, लेकिन 20 मिनट बीत जाने के बाद भी वह नहीं लौटे। तब उनकी आत्महत्या की बात सामने आई।''
परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने घटना की पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, ''मैंने पुलिस अधिकारियों को घटना के कारणों की जांच करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।''
उन्होंने कहा कि राय के परिवार ने इस घटना को आयकर विभाग की कार्रवाई से जोड़ा है।
आयकर विभाग की बढ़ती छापेमारी में किसी राजनीतिक पहलू के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने अटकलें लगाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, ''गृह मंत्री होने के नाते मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।''
जांच के दायरे को स्पष्ट करते हुए परमेश्वर ने कहा, ''पुलिस केवल आत्महत्या के मामले की जांच करेगी। अगर कोई और बात सामने आती है, तो उसकी भी जांच की जाएगी।''
कर्नाटक के वाणिज्य और उद्योग मंत्री एम बी पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आर्थिक अपराध को अन्य अपराधों की तरह नहीं माना जाना चाहिए और इसे दीवानी मामले की तरह निपटाया जाना चाहिए।
पाटिल ने कहा, ''सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो), ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) जैसी एजेंसियों के जरिये डर फैलाना उचित नहीं है। जांच से ही पता चलेगा कि वास्तव में क्या हुआ था, लेकिन मेरा कहना यह है कि आर्थिक अपराधों के लिए दंड के प्रावधान हैं और उनके समाधान भी मौजूद हैं, लेकिन इसे आपराधिक कृत्य की तरह नहीं माना जाना चाहिए।''
रियल एस्टेट कारोबारी राय को बेंगलुरु में रिचमंड सर्कल के पास स्थित उनके कार्यालय में उनकी लाइसेंसी हथियार से गोली लगी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। गोली चलने की आवाज आने पर कमरे में बाकी कर्मचारी पहुंचे, जहां राय जख्मी मिले। राय को तुंरत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि राय के परिसर में तलाशी करीब दो महीने पहले शुरू हुई थी। राय के भाई ने आरोप लगाया है कि उन्होंने केंद्रीय एजेंसी के दबाव में आकर यह कदम उठाया होगा। राय मूल रूप से केरल के रहने वाले थे।
भाषा आशीष पवनेश
पवनेश
3101 1929 बेंगलुरु