ओडिशा : धान खरीद में 'कुप्रबंधन' के खिलाफ बंद का मिला-जुला असर, सरकार ने बताया 'फ्लॉप शो'
अविनाश
- 28 Jan 2026, 09:36 PM
- Updated: 09:36 PM
भुवनेश्वर, 28 जनवरी (भाषा) ओडिशा में धान की खरीद में कथित कुप्रबंधन के कारण किसानों की परेशानी को लेकर नवनिर्माण कृषक संगठन (एनएनकेएस) द्वारा बुधवार को बुलाए गए आठ घंटे के राज्य बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। हालांकि, भाजपा नीत राज्य सरकार ने इसे 'फ्लॉप शो' करार दिया।
एनएनकेएस ने सुबह छह बजे से अपराह्न दो बजे तक बंद का आह्वान किया था। हालांकि, इसकी वजह से रेल सेवा पर कोई असर नहीं पड़ा जबकि प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न जिलों में टायर जलाकर सड़कों को अवरुद्ध करने की कोशिश की जिससे सड़क परिवहन आंशिक रूप से बाधित रहा। रास्ते अवरुद्ध होने से भुवनेश्वर और कटक के बस अड्डों पर कई यात्री फंस गए।
बंद की वजह से कई स्थानों पर दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। लेकिन पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा के बीच कार्यालयों में काम हुआ।
एनएनकेएस द्वारा किसानों की मांग को लेकर बुलाए गए बंद को विपक्षी कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और बीजू जनता दल (बीजद) ने समर्थन दिया था।
एनएनकेएस के संयोजक अक्षय कुमार ने बताया, ''राज्य भर में बंद शांतिपूर्वक रहा। प्रदर्शनकारियों ने लोगों से सहयोग करने का अनुरोध किया। आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया।'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस, माकपा और अन्य वाम दल भी बंद में शामिल हुए।
वहीं, राज्य के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री केसी पात्रा ने बंद को 'फ्लॉप शो' करार देते हुए दावा किया कि किसान बंद में शामिल नहीं हुए।
पात्रा ने कहा, ''हमें उम्मीद थी कि कांग्रेस और वामपंथी दलों का समर्थन मिलने के कारण बंद का कुछ असर देखने को मिलेगा। लेकिन, यह विफल रहा क्योंकि किसान सरकार के साथ खड़े हैं।''
उन्होंने धान की खरीद को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए 'घोर कुप्रबंधन' के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ओडिशा के किसान खुश हैं क्योंकि उन्हें राज्य सरकार संचालित मंडियों में भाजपा की ओर से चुनाव में किये गए वादे के अनुसार धान की कीमत 3,100 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही है।
मंत्री ने दावा किया कि ओडिशा के सभी 30 जिलों में धान की खरीद सुचारू रूप से चल रही है और राज्य सरकार ने मंगलवार तक 37,91,225 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
उन्होंने कहा, ''किसानों के बैंक खातों में पहले ही 8,000 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए जा चुके हैं।''
पात्रा ने दावा किया कि बरगढ़, संबलपुर और सोनपुर सहित कई जिलों में धान की खरीद लगभग पूरी हो चुकी है।
कुमार ने कहा कि धान खरीद कुप्रबंधन के अलावा, बिजली वितरण कंपनी द्वारा 'जबरन' स्मार्ट मीटर लगाने और प्रदूषण प्रमाणपत्र प्रवर्तन के तहत वाहन मालिकों पर लगाए गए उच्च जुर्माने के खिलाफ भी इस बंद का आह्वान किया गया था।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से किसानों को आधिकारिक मंडियों में धान की प्रति क्विंटल कीमत 3,100 रुपये देने और इस प्रक्रिया में बिचौलियों और मिल मालिकों के हस्तक्षेप को रोकने की मांग की।
राजधानी भुवनेश्वर में प्रदर्शनकारियों ने उत्तरा चक में टायर जलाकर सड़क अवरुद्ध कर दी, जिससे यातायात बाधित हुआ। कटक से मिली खबर के मुताबिक निजी बसें सड़कों से नदारद रहीं।
भुवनेश्वर के पुलिस उपायुक्त जगमोहन मीणा ने बताया कि बंद के दौरान कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए अहम स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात किये गए हैं।
सुबर्णपुर जिले के बिनिका सहित कई स्थानों पर कांग्रेस समर्थक भी एनएनकेएस प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल हुए।
खबरों के मुताबिक बोलांगीर में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को अवरूद्ध कर दिया।
राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने दावा किया कि कोरापुट जिले में जनजीवन सामान्य रहा।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश
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