देरी को लेकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के ठेकेदार को हटाने का एनएचएआई का फैसला अदालत ने बहाल किया
तान्या सुरेश
- 16 Jan 2026, 06:30 PM
- Updated: 06:30 PM
नयी दिल्ली, 16 जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के एक हिस्से को समय पर पूरा न करने के कारण संबंधित ठेकेदार का अनुबंध समाप्त करने के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के फैसले पर लगी रोक हटा ली है।
अदालत ने कहा कि नागरिकों को सुचारु और निर्बाध आवागमन के लिए एक अच्छी तरह निर्मित राजमार्ग से वंचित नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति दिनेश मेहता और न्यायमूर्ति विनोद कुमार की पीठ ने 13 जनवरी को उच्च न्यायालय की एकल पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एनएचएआई के 23 दिसंबर, 2025 के आदेश पर रोक लगा दी गयी थी।
एनएचएआई ने 23 दिसंबर 2025 को 'रोडवे सॉल्यूशंस इंडिया इंफ्रा लिमिटेड' को अनुबंध समाप्त करने के इरादे की सूचना दी थी।
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि एनएचएआई अपने निर्णय पर स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर सकता है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के संबंधित हिस्से के निर्माण को पूरा करने के लिए किसी अन्य इकाई को नियुक्त करने हेतु नयी निविदा जारी कर सकता है।
पीठ ने कहा कि इस तरह की अंतरिम रोक नहीं दी जानी चाहिए थी, क्योंकि इससे परियोजना में देरी होती, जो एक “राष्ट्रीय नुकसान” है, और इसके चलते नागरिकों को 87 किलोमीटर के उस हिस्से के लिए वैकल्पिक मार्ग अपनाने को मजबूर होना पड़ता, जो या तो अधूरा है या दोनों में से किसी एक पक्ष की गलती के कारण बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहा है।
पीठ ने कहा कि किस पक्ष की गलती है, इसका निर्णय दोनों पक्षों के बीच होने वाली मध्यस्थता कार्यवाही में किया जाएगा।
एनएचएआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रतिवादी ठेकेदार को 2024 में तीन पैकेज का ठेका दिया गया था, लेकिन यह काम पूरा करने में विफल रहा। उन्होंने कहा कि इसके कारण 794 किलोमीटर लंबी पूरी परियोजना में से 87 किलोमीटर हिस्सा अधूरा रह गया और नवनिर्मित एक्सप्रेसवे से यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।
वर्तमान मामला गुजरात में 35 किलोमीटर लंबे एक पैकेज से संबंधित पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद से जुड़ा है।
मेहता ने कहा कि यदि स्थगन आदेश नहीं हटाया जाता, तो एनएचएआई निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना को पूरा करने के लिए किसी अन्य ठेकेदार को नियुक्त नहीं कर पाएगा।
भाषा तान्या