ट्रंप डब्ल्यूईएफ दावोस बैठक में शामिल होंगे, भारत से भी होगा बड़ा प्रतिनिधिमंडल
पाण्डेय रमण
- 13 Jan 2026, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के आयोजकों ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पांच कैबिनेट सदस्यों के साथ स्विट्जरलैंड के रिसॉर्ट शहर दावोस में मंच की वार्षिक बैठक में शामिल होंगे।
इसके साथ ही इस शिखर सम्मेलन में भारत की ओर से भी एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।
डब्ल्यूईएफ ने कहा कि कम से कम 64 देशों के शासनाध्यक्ष या राष्ट्राध्यक्ष वहां मौजूद रहेंगे, जबकि सात में छह जी-7 देशों का प्रतिनिधित्व उनके शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम में चीन और पाकिस्तान के बड़े प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होंगे।
डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष और सीईओ बोर्गे ब्रेंडे ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी से शुरू होने वाली इस पांच दिवसीय वार्षिक बैठक में यूक्रेन, गाजा और वेनेजुएला सहित लातिन अमेरिका की स्थिति पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कांग्रेस का एक बड़ा द्विपक्षीय प्रतिनिधिमंडल और राज्यों के गवर्नर भी इस बैठक में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन 'संवाद की भावना' विषय के तहत किया जा रहा है।
ब्रेंडे ने कहा कि दुनिया संभवतः 1945 के बाद से सबसे जटिल भू-राजनीतिक स्थिति का सामना कर रही है और आज के समय में संवाद बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक, ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर के शामिल होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि इस साल डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक में 3,000 से अधिक विश्व नेताओं की ऐतिहासिक भागीदारी होगी। इसमें 1,700 से अधिक व्यापारिक नेता शामिल हैं, जिनमें से आधे सीईओ या अध्यक्ष हैं।
इस बैठक में 30 से अधिक विदेश मंत्री, 60 से अधिक वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर तथा 30 से अधिक व्यापार मंत्री भी शामिल होंगे। एनवीडिया और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के प्रमुखों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ''दावोस में हमारे पास पहले कभी इतने तकनीकी दिग्गज नहीं रहे।''
बैठक में भाग लेने वाले शीर्ष राजनीतिक नेताओं में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयन, चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग और स्विस राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन शामिल हैं।
अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, आर्मेनिया, अजरबैजान, कोलंबिया, कांगो, इक्वाडोर, फिनलैंड, मोजाम्बिक, पोलैंड, सर्बिया, सिंगापुर, इजरायल और सीरिया के राष्ट्रपति के साथ ही स्पेन, बेल्जियम, ग्रीस, नीदरलैंड, पाकिस्तान, फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण और कतर के प्रधानमंत्री भी बैठक में शामिल होंगे।
भारत से कम से कम चार केंद्रीय मंत्री - अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के राम मोहन नायडू के साथ ही छह मुख्यमंत्रियों के वहां जाने की उम्मीद है। साथ ही देश के 100 से अधिक शीर्ष सीईओ भी वहां होंगे।
मुख्यमंत्रियों में महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस, आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, असम के हिमंत विश्व शर्मा, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, तेलंगाना के ए रेवंत रेड्डी और झारखंड के हेमंत सोरेन शामिल हैं।
भारत के व्यावसायिक नेताओं में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, टाटा समूह के एन चंद्रशेखरन, बजाज समूह के संजीव बजाज, जुबिलेंट भरतिया समूह के हरि एस भरतिया और टीवीएस मोटर के सुदर्शन वेणु दावोस जाएंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी भी 'अलायंस फॉर ग्लोबल गुड: जेंडर इक्विटी एंड इक्वेलिटी' की संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में वहां होंगी, जिसकी स्थापना कुछ साल पहले दावोस में ही हुई थी।
शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले वैश्विक नेताओं में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय एस बंगा, आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस, यूनेस्को के महानिदेशक खालिद अल-इनानी, डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला और लंदन के मेयर सादिक खान शामिल हैं।
भाषा पाण्डेय