इंदौर दूषित पेयजल त्रासदी की सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश से जांच कराई जाए: कांग्रेस
दिमो सिम्मी
- 09 Jan 2026, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
इंदौर, नौ जनवरी (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई ने इंदौर में दूषित पेयजल त्रासदी में सात लोगों की मौत होने के मामले की जांच सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश से कराए जाने की मांग की है।
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी नर्मदा नदी का ‘अमृत’ इंदौर लेकर आई थी लेकिन मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने उसे जहर में बदल दिया है।
पटवारी ने कहा, ‘‘पूर्व महापौर कैलाश विजयवर्गीय (जो अब मंत्री हैं) के कार्यकाल से लेकर वर्तमान महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल तक इंदौर के विकास पर करीब एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन आज शहरवासियों को एक गिलास साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। कांग्रेस, मां नर्मदा का अमृत लाई थी और भाजपा ने उसे जहर बना दिया।’’
उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा दूषित पेयजल की घटना की निष्पक्ष जांच सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए ताकि दोषियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके।
पटवारी ने आरोप लगाया कि शहर में नलों से दूषित और जहरीला पानी आ रहा है और लोग इसे पीने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर नगर निगम की ‘‘घोर लापरवाही’’ के कारण शहर गंभीर स्वास्थ्य संकट में फंस गया है और पानी संबंधी त्वरित ऑडिट तत्काल लागू किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने दोषी अधिकारियों और महापौर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किए जाने तथा मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार से मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।
पटवारी ने इंदौर जिलाधिकारी शिवम वर्मा द्वारा राष्ट्रीय स्वयं संघ (आरएसएस) के कार्यालय जाने को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी के नाम पर शुरू की गई मनरेगा योजना को व्यवस्थित रूप से कमजोर किया है।
चौधरी ने दावा किया कि कृषि व्यवस्था चरमरा गई है, बेरोजगारी बढ़ रही है, आर्थिक असमानता गहराती जा रही है और राज्य में हवा एवं पानी दोनों ही विषैले हो गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की ‘‘जहरीली भाषा’’ समाज को और अधिक विषाक्त बना रही है। उन्होंने जल सुरक्षा और स्वास्थ्य कानूनों के क्रियान्वयन की मांग करते हुए कहा कि स्वच्छ पानी नागरिकों का मौलिक अधिकार है।
चौधरी ने 11 जनवरी को भाजपा सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने के लिए कांग्रेस की ‘न्याय यात्रा’ में लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। यह यात्रा इंदौर में बड़ा गणपति से राजवाड़ा तक निकाली जाएगी।
भाषा दिमो