शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है: भारत
सुरेश नरेश
- 09 Jan 2026, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) भारत ने शुक्रवार को शक्सगाम घाटी में चीन की अवसंरचना विकास परियोजनाओं की आलोचना की और कहा कि चूंकि यह भारतीय क्षेत्र है, इसलिए वह अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से शक्सगाम घाटी स्थित 5,180 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र को चीन को सौंप दिया था, जो उन क्षेत्रों का हिस्सा था जिन पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘शक्सगाम घाटी भारतीय क्षेत्र है। हमने 1963 में हस्ताक्षरित तथाकथित चीन-पाकिस्तान 'सीमा समझौते' को कभी मान्यता नहीं दी है। हम लगातार यह कहते आए हैं कि यह समझौता अवैध और अमान्य है।’’
उन्होंने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘हम तथाकथित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी मान्यता नहीं देते हैं, जो भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस पर पाकिस्तान का जबरन और अवैध कब्जा है।’’
जायसवाल शक्सगाम घाटी में चीन के अवसंरचना विकास से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का संपूर्ण केंद्रशासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। यह बात पाकिस्तानी और चीनी अधिकारियों को कई बार स्पष्ट रूप से बताई जा चुकी है।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमने शक्सगाम घाटी में जमीनी हकीकत को बदलने के प्रयासों के खिलाफ चीनी पक्ष के साथ लगातार विरोध जताया है। हम अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।’’
जायसवाल ने ताइवान के पास चीनी सैन्य अभ्यासों पर सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखता है। व्यापार, अर्थव्यवस्था, जन-संबंधी और समुद्री हितों को देखते हुए इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।’’
जायसवाल ने कहा, ‘‘हम सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, एकतरफा कार्रवाई से बचने और बल के प्रयोग या धमकी के बिना शांतिपूर्ण तरीकों से सभी मुद्दों को हल करने का आग्रह करते हैं।’’
सोमालीलैंड की मान्यता के मुद्दे पर जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत के सोमालिया के साथ दीर्घकालिक संबंध हैं। हम देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने के महत्व पर लगातार जोर देते रहेंगे।”
सोमालिया का हमेशा से यह दावा रहा है कि सोमालीलैंड सोमाली क्षेत्र का अभिन्न अंग है।
पिछले महीने इजराइल ने सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी, जिससे सोमालिया में चिंताएं बढ़ गईं।
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