ओडिशा में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, अदालती कामकाज फिर से शुरू
नोमान रंजन
- 08 Jan 2026, 09:50 PM
- Updated: 09:50 PM
भुवनेश्वर, आठ जनवरी (भाषा) कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि उड़ीसा उच्च न्यायालय सहित कई अदालतों में न्यायिक कार्य बृहस्पतिवार अपराह्व करीब तीन बजे फिर से शुरू हो गया, जो अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले फर्जी ई-मेल के बाद घंटों तक बाधित रहा था।
कटक, संबलपुर और देवगढ़ की अदालतों को गुमनाम ईमेल भेजे गए, जिसके बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच के आदेश दिए और पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया। कोई भी संदिग्ध उपकरण नहीं मिला।
हरिचंदन ने पत्रकारों को बताया, “देश की कई अदालतों को इस तरह के गुमनाम धमकी भरे ईमेल मिले हैं। घबराने की कोई बात नहीं है। संदेशों के स्रोत का जल्द ही पता लगा लिया जाएगा। सुरक्षा टीमों द्वारा गहन तलाशी अभियान चलाने के बाद अदालती कामकाज पूरी तरह से फिर से शुरू हो गया है।”
महाधिवक्ता पीतांबर आचार्य ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों द्वारा तलाशी अभियान पूरा करने के तुरंत बाद उडीसा उच्च न्यायालय और तीन जिला अदालतों में कामकाज फिर से शुरू हो गया।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने कहा कि पुलिस ने एहतियात के तौर पर अदालतों को खाली कराया, जांच की और सभी स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
खुरानिया ने ईमेल मिलने के तुरंत बाद माझी और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव से बात की। उन्होंने कहा, "अपराह्न 2:35 बजे तक अदालत परिसर को नुकसान पहुंचाने की धमकी वाला एक गुमनाम ईमेल कई अदालतों में प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए गहन जांच शुरू कर दी है।"
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और डीजीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की और उन्हें दोषियों की पहचान करने और धमकियों के पीछे के मकसद का पता लगाने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है, "आम लोगों के जीवन की रक्षा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।"
अधिकारियों ने कहा कि हालांकि उड़ीशा उच्च न्यायालय के लिए कोई विशिष्ट धमकी नहीं मिली थाी फिर भी पुलिस ने कटक स्थित उच्च न्यायालय परिसर को खाली करा लिया और खोजी कुत्तों, बम निरोधक दस्तों और अतिरिक्त कर्मियों का उपयोग करते हुए तलाशी अभियान चलाया, साथ ही प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध उपकरण या वस्तु नहीं मिली।"
धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों को भी लगाया गया था।
विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भी धमकी भरे ईमेल पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “न्यायाधीशों, वकीलों, वादियों, अदालत के कर्मचारियों और आम जनता सहित हमारी न्यायिक संस्थाओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं संबंधित अधिकारियों से इस मामले की त्वरित, गहन और उचित जांच करने का आग्रह करता हूं।”
भाषा नोमान