राजस्थान: पीएम श्री विद्यालयों को आदर्श बनाने पर जोर, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
बाकोलिया नरेश खारी
- 05 Jan 2026, 05:12 PM
- Updated: 05:12 PM
जयपुर, पांच जनवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश के विद्यालय परिसरों में उपलब्ध स्थान और संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए सोमवार को अधिकारियों को पीएम श्री विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यहां शिक्षा संकुल में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्रीनिवास ने प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पिछले माह नयी दिल्ली में पीएम श्री विद्यालयों को लेकर आयोजित मुख्य सचिव सम्मेलन के क्रम में आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित किया जाए, ताकि उनके शैक्षणिक, प्रशासनिक और आधारभूत ढांचे से जुड़े बेहतर प्रयोगों को अन्य राजकीय विद्यालयों में भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
उन्होंने विद्यालय परिसरों में उपलब्ध स्थान और संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी 41 जिलों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों द्वारा प्रत्येक जिले के दो-दो पीएम श्री विद्यालयों का गहन निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।
इसमें कहा गया, ‘‘निरीक्षण के दौरान अधिकारी विद्यालयों में रात्रि विश्राम करेंगे और शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों से संवाद स्थापित करेंगे। यह निरीक्षण कार्य आगामी 15 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।’’
मुख्य सचिव ने कहा, “प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए मातृभाषा आधारित शिक्षण को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।”
उन्होंने स्कूली शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए अभिभावक-शिक्षक बैठकों में पिताओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही, बालिकाओं के लिए सुरक्षित और पर्याप्त शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए इस कार्य को समयबद्ध रूप से आठ मार्च 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।
विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्य सचिव ने आंगनबाड़ियों को स्कूलों के साथ सह-स्थान पर स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘अपार’ की विशिष्ट छात्र पहचान रजिस्ट्री को अभियान के रूप में लागू किया जाए, ताकि यह प्रणाली सरकारी और गैर-सरकारी, दोनों प्रकार के स्कूलों में समान रूप से सटीक और प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।
बैठक में पीएम श्री विद्यालयों की मासिक रैंकिंग, मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, ‘मिशन स्टार्ट’, ‘मिड-डे मील’ योजना, जिला रैंकिंग, प्रबल कार्यक्रम और विद्या समीक्षा केंद्र की गतिविधियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
भाषा बाकोलिया नरेश