फेसबुक पर एसएनडीपी सुप्रीमो पर लक्षित युवा कांग्रेस के नेता के पोस्ट से विवाद खड़ा हुआ
राजकुमार रंजन
- 03 Jan 2026, 09:17 PM
- Updated: 09:17 PM
तिरुवनंतपुरम, तीन जनवरी (भाषा) श्री नारायण धर्म परिपालना योगम (एसएनडीपी) के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन के ऊपर काला तेल डालने वालों को पुरस्कृत करने के संबंधी युवा कांग्रेस के एक पदाधिकारी के कथित फेसबुक पोस्ट से विवाद खड़ा हो गया है।
नटेसन ने कथित रूप से मुस्लिम विरोधी बयान दिया था तथा एक टेलीविजन रिपोर्टर के विरूद्ध ‘अतिवादी’ टिप्पणी की थी।
संख्या की दृष्टि से मजबूत हिंदू एझवा समुदाय के प्रमुख संगठन श्री नारायण धर्म परिपालना योगम के महासचिव नटेसन को वैसे तो मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के करीबी माना जाता है, लेकिन भाजपा नेता नटेसन के पक्ष में खड़े हो गये हैं।
हालांकि, कांग्रेस ने इस विवाद से खुद को अलग कर लिया।
दिन में बाद में युवा कांग्रेस के नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि किसी को थप्पड़ मारना, उसपर काला तेल डालना या शारीरिक रूप से हमला करना युवा कांग्रेस जैसे लोकतांत्रिक संगठन के कामकाज के अनुरूप नहीं है।
यह विवाद तब खड़ा हुआ जब युवा कांग्रेस के मलप्पुरम जिला अध्यक्ष हारिस मुदुर ने शुक्रवार को फेसबुक पोस्ट में कहा है कि नटेसन के ऊपर काला तेल डालने वालों को पुरस्कार और नकद इनाम दिया जाएगा।
यह फेसबुक पोस्ट कथित तौर पर नटेसन द्वारा हाल में एक टेलीविजन रिपोर्टर के खिलाफ की गई "अतिवादी" टिप्पणी के मद्देनजर किया गया था। हालांकि, युवा कांग्रेस नेता का यह पोस्ट अब फेसबुक से हटा दिया गया है।
भाजपा नेता के. गोपालकृष्णन ने शनिवार को इस फेसबुक पोस्ट को लेकर मुदुर की कड़ी आलोचना की और आरोप लगाया कि यह "जिहादी मानसिकता" का प्रतिबिंब है।
गोपालकृष्णन ने कहा कि श्री वेल्लापल्ली नटेसन के समर्थक और विरोधी हिंदू समुदाय के भीतर मौजूद हो सकते हैं एवं यह उनका आंतरिक मामला है।
उन्होंने युवा कांग्रेस नेता को याद दिलाया कि यह 2026 का भारत है, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा,‘‘आप चाहे जितने भी धर्मनिरपेक्ष मुखौटे पहन लें, आपके भीतर की जिहादी मानसिकता अंततः सामने आ ही जाएगी।’’
गोपालकृष्णन ने कहा कि नटेसन जैसे हिंदू समाज के एक अत्यंत सम्मानित नेता पर काला तेल डालने का खुला आह्वान भविष्य में एक खतरनाक स्थिति का संकेत है।
उन्होंने इसे रोकने के लिए भाजपा को सत्ता में लाने का आह्वान करते हुए कहा, “केरल में भाजपा को सत्ता में क्यों आना चाहिए? सिर्फ हमारे लिए ही नहीं, बल्कि इसलिए कि आने वाली पीढ़ियां हमारे छोटे से केरल में सुरक्षित रूप से रह सकें। इसके लिए भाजपा का यहां सत्ता में आना आवश्यक है।”
उन्होंने कहा कि भावी पीढी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई और विकल्प नहीं है।
अलप्पुझा में एक सभा को संबोधित करते हुए, नटेसन ने युवा कांग्रेस नेता की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि वह धमकियों के बावजूद अपनी राय नहीं बदलेंगे।
उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अगर उन पर काला तेल भी डाल दिया जाए या उन्हें जला दिया जाए तो भी वह अपना रुख नहीं बदलेंगे।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस महासचिव एम. लिजू से पार्टी का रुख स्पष्ट करने का भी आग्रह किया।
हालांकि, लिजू ने इस विवाद से खुद को अलग करते हुए कहा कि पार्टी हिंसा का समर्थन नहीं करती।
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मानवता को ध्यान में रखने वाला कोई भी व्यक्ति हिंसा के मार्ग का समर्थन नहीं कर सकता।’’
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ओ जे जनीश ने बाद में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि संगठन वैचारिक बहसों को प्रोत्साहित करता है, लेकिन हिंसा का समर्थन नहीं करता।
नटेसन से जुड़ा विवाद बुधवार को तब शुरू हुआ जब एक पत्रकार ने एसएनडीपी महासचिव से मलप्पुरम जिले पर उनकी हालिया टिप्पणियों के बारे में सवाल किया था।
टेलीविजन फुटेज में नटेसन गुस्से में पत्रकार के माइक्रोफोन को एक तरफ धकेलते हुए, उसे दूर हटने के लिए कहते हुए दिख रहे हैं।
शुक्रवार को अलप्पुझा में अपने निवास पर नटेसन ने प्रेसवार्ता में कहा था कि पत्रकार चमरपंथी एवं मुसलमानों का प्रवक्ता है।
नटेसन ने शिवगिरि में यह कहते हुए अपने आचरण का बचाव किया कि पत्रकार ने असम्मानजनक तरीके से बात की थी।
भाषा
राजकुमार