बेल्लारी में झड़प के दौरान व्यक्ति को लगी गोली पुलिस की नहीं : गृह मंत्री परमेश्वर
धीरज सुरेश
- 04 Jan 2026, 12:39 AM
- Updated: 12:39 AM
तुमकुरु (कर्नाटक), तीन जनवरी (भाषा) कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने शनिवार को दावा किया कि शुरुआती जांच के मुताबिक बेल्लारी में हालिया झड़पों के दौरान एक व्यक्ति को लगी गोली पुलिस के हथियारों से नहीं चलाई गई थी, बल्कि संभवतः एक निजी रिवॉल्वर से चलाई गई थी।
इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
मंत्री ने कहा कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जब्त किये गए सभी हथियारों की जांच बैलिस्टिक विशेषज्ञ करेंगे।
इस बीच खबरें आईं कि घटना के बाद बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पद से निलंबित किये गए अधिकारी पवन नेज्जुर ने कथित तौर पर नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि, गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया था कि अधिकारी ठीक हैं और बेंगलुरु जा रहे हैं।
बेल्लारी के कुछ इलाकों में बृहस्पतिवार को तब तनाव फैल गया जब बेल्लारी नगर से कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और गंगावती से भाजपा विधायक जी जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच बैनर लगाने के मुद्दे पर कथित तौर पर हिसंक झड़प हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा कथित तौर पर पथराव किया गया और गोलीबारी की गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
परमेश्वर ने कहा, ‘‘मैंने एडीजीपी (कानून व्यवस्था) को मौके पर भेजा था, जो अब भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, जिस गोली से व्यक्ति की मौत हुई है, वह पुलिस द्वारा नहीं चलाई गई थी और पुलिस के गोला-बारूद से मेल नहीं खाती है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह किसी निजी हथियार से चलाई गई है। गोली को फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेज दिया गया है।’’
उन्होंने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जब्त किए गए हथियारों को बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
मंत्री ने कहा, ‘‘शिकायतों और प्रति-शिकायतों के आधार पर कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनकी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और तदनुसार, मैंने विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।’’
परमेश्वर ने दोनों पक्षों के नेताओं द्वारा दिए गए राजनीतिक बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि तथ्य अधिक महत्वपूर्ण हैं और पुलिस उन्हें स्थापित करने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘अनावश्यक बयानबाजी से कोई फायदा नहीं होगा। नेताओं का बेल्लारी जाकर राजनीतिक माहौल बनाना उचित नहीं है। अगर भड़काऊ बयान दिए गए तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।’’
परमेश्वर ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद, यदि आवश्यक हुआ तो बेल्लारी का दौरा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वाल्मीकि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के आयोजकों को मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थगित करने की सलाह दी गई थी, जिसका उन्होंने पालन किया।
घटना के बाद बेल्लारी के पुलिस अधीक्षक पवन नेज्जुर के निलंबन पर परमेश्वर ने कहा कि उन्हें मौके पर मौजूद रहना चाहिए था, निर्देश जारी करने चाहिए थे और स्थिति को नियंत्रण में लाना चाहिए था। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा न होने के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है।’’
परमेश्वर को संवाददाताओं ने जब बताया कि नेज्जुर ने घटना से कुछ ही घंटे पहले कार्यभार संभाला था, तो उन्होंने कहा, ‘‘ड्यूटी तो ड्यूटी होती है। क्या वह पुलिस विभाग में नए हैं? एसपी स्तर के अधिकारी को तुरंत जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी और स्थिति को नियंत्रण में लाना चाहिए था।’’
परमेश्वर ने कहा कि पूर्व के बेल्लारी में सेवा दे चुके चित्रदुर्ग के एसपी को हिंसा के गवाह बने जिले का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि दावणगेरे के पुलिस महानिरीक्षक बेल्लारी में मौजूद हैं।
परमेश्वर ने निलंबित एसपी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्होंने नेज्जुर से व्यक्तिगत रूप से बात नहीं की है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों से उन्हें सूचित किया गया है कि अधिकारी बेंगलुरु के रास्ते में हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उनकी मौजूदा स्थिति का नहीं पता। अधिकारियों ने बताया कि वह ठीक हैं, हालांकि पोस्टिंग और तत्काल निलंबन के बाद स्वाभाविक रूप से थोड़े निराश हैं।’’
परमेश्वर ने कहा कि उन्हें नेज्जुर के नींद की गोलियां खाने की खबरें केवल मीडिया से मिली। उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं इसकी पुष्टि करूंगा। उन्होंने अपने दोस्तों को बताया था कि वह बेल्लारी से बेंगलुरु जा रहे हैं।’’
विपक्षी भाजपा ने सरकार पर पुलिस अधीक्षक को ‘बलि का बकरा’ बनाने का आरोप लगाया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘बेल्लारी में कांग्रेस द्वारा की गई बेशर्म गुंडागर्दी, हमारे पार्टी विधायक और कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले, कानून-व्यवस्था के चरमराने और एक व्यक्ति की मौत की जिम्मेदारी से बचने के लिए, भ्रष्ट कांग्रेस सरकार ने एसपी को निलंबित कर दिया है, जिसने महज एक दिन पहले ही पदभार संभाला था। यह उसकी अक्षमता का प्रमाण है।’’
जनार्दन रेड्डी के करीबी सहयोगी और पूर्व मंत्री बी श्रीरामुलु ने बेल्लारी में पत्रकारों से बात करते हुए भरत रेड्डी और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार करने के बजाय पुलिस अधीक्षक को निलंबित करने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाया।
अंततः, जिले के प्रभारी मंत्री जमीर अहमद खान और भरत रेड्डी ने तोरानागल्लू के जिंदल हवाई अड्डे पर सिद्धरमैया से मुलाकात की और उन्हें घटना की जानकारी दी।
भाषा धीरज