किश्तवाड़ में सिलेंडर में विस्फोट से लगी आग में पांच मकान खाक, दो लोग घायल
खारी मनीषा
- 02 Jan 2026, 04:26 PM
- Updated: 04:26 PM
जम्मू, दो जनवरी (भाषा) जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर गांव में एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट के कारण लगी आग में पांच मकान जलकर खाक हो गए, जबकि आग बुझाने के प्रयासों में दो लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार देर रात थाचना गांव की है जहां पहले एक मकान में आग लगी और उसने तेजी से अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस, सेना और दमकल विभाग की टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने के लिए संयुक्त अभियान चलाया।
अधिकारियों ने बताया कि दमकल कि गाड़ियां तुरंत दूरस्थ क्षेत्र में भेजी गईं और आग को फैलने से रोकने के लिए आसपास के मकानों से एलपीजी सिलेंडर हटा दिए गए।
अभियान की निगरानी करने वाले किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने बताया कि कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘घटना में चार से पांच मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। आग बुझाने के दौरान दो लोग घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।’’
शर्मा ने बताया कि प्रभावित बस्ती में तंबू और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध करा दी गई है तथा नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर चिंता व्यक्त की और जिला प्रशासन को तत्काल राहत सुनिश्चित करने, नुकसान का आकलन करने और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि घटनास्थल पर प्रशासन और रेडक्रॉस ने राहत सामग्री पहुंचा दी है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘प्रभावित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता की व्यवस्था भी की जा रही है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने कहा कि वे प्रभावित परिवारों के संपर्क में हैं और राहत उपायों पर बातचीत कर रहे हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद सज्जाद किचलू ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात कर तत्काल सहायता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने प्रशासन से भीषण सर्दी को देखते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, अस्थायी आश्रय और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
भाषा खारी