मायावती ने नववर्ष पर शुभकामनाएं दीं, समावेशी विकास और संवैधानिक मूल्यों के पालन का आह्वान किया
जफर मनीषा खारी
- 01 Jan 2026, 02:40 PM
- Updated: 02:40 PM
नयी दिल्ली/लखनऊ, एक जनवरी (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बृहस्पतिवार को देशवासियों तथा दुनिया भर में रहने वाले भारतीय नागरिकों को नए साल की शुभकामनाएं दीं और समाज के सभी वर्गों के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समावेशी विकास, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया।
नए साल 2026 के अवसर पर जारी एक बयान में मायावती ने कहा कि नया वर्ष हर नागरिक, विशेषकर समाज के गरीब, हाशिए पर पड़े और मेहनतकश वर्गों के लिए खुशी, शांति, समृद्धि, सुरक्षा और आत्मसम्मान लेकर आए।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि “बहुजन” समुदाय का रोजमर्रा का जीवन आसान होगा और वे लगातार बदलते नियमों, कानूनों और कठिनाइयों के बोझ से मुक्त होंगे।
बसपा प्रमुख ने कहा, ‘‘विकास का लाभ कल्याणकारी संविधान के अनुसार सभी जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचना चाहिए, न कि मुट्ठी भर लोगों तक सीमित रहना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘असली विकास तभी सार्थक होगा, जब वह उत्तर प्रदेश और पूरे देश में गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को समाप्त करने में सहायक बने।’’
मायावती ने बहुजन समुदाय के लिए अच्छे दिन लाने हेतु मजबूत राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि चुनाव ऐसी व्यवस्था में नहीं बदलने चाहिए, जहां हेरफेर और धन का अत्यधिक इस्तेमाल हो, क्योंकि यह राष्ट्र और जनता के हित में नहीं है।
उन्होंने कानून का राज बनाए रखने के लिए नफरत और हिंसा फैलाने वाली विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आह्वान किया।
भारत की वैश्विक भूमिका का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि संवैधानिक मूल्यों का पालन करने से देश दुनिया के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में उभरेगा और पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत होंगे, जिससे अंततः आम नागरिकों को लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को बहुजन आबादी को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में देखते हुए उनके विकास में निवेश करना चाहिए, न कि ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिनसे केवल बड़े उद्योगपतियों और अमीरों को ही फायदा पहुंचे।
उन्होंने कहा, “अन्यथा असमानता बढ़ती रहेगी और गरीबों को सीमित सरकारी सहायता पर निर्भर रहना पड़ेगा।”
भाषा जफर मनीषा