हरियाणा विधानसभा में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चर्चा के दौरान तीखी नोंकझोक
राजकुमार मनीषा
- 19 Dec 2025, 05:06 PM
- Updated: 05:06 PM
चंडीगढ़, 19 दिसंबर (भाषा) हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित चर्चा के दौरान सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के कुछ सदस्यों के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
भाजपा सदस्य घनश्याम दास ने सदन में ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा की शुरुआत की। उनके बाद, कांग्रेस सदस्य आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि जब हम वंदे मातरम कहते हैं, तो हम अपनी मातृभूमि को नमन करते हैं।
उन्होंने कहा कि हम ‘‘सुजलाम सुफलम’’ की बात करते हैं, जिसका तात्पर्य पानी से भरपूर और प्रकृति मां होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वह सरकार से ‘‘हमारे सामने आ रही पर्यावरणीय आपदा’’ के सिलसिले में पूछना चाहते हैं कि क्या यह ‘‘हमारी मातृभूमि का सम्मान करना है?’’
सुरजेवाला ने कहा कि आज, इसी मातृभूमि का पानी सीसा और यूरेनियम से भरा हुआ है, अरावली के 90 प्रतिशत हिस्से को संरक्षित श्रेणी से बाहर कर दिया गया है, हम जंगल काट रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग प्रदूषित हवा में सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि बच्चे मास्क पहनकर स्कूल जा रहे हैं।
परिवहन मंत्री अनिल विज ने हस्तक्षेप करते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा, ‘‘वंदे मातरम की पवित्रता को धूमिल किया जा रहा है। ये मुद्दे (जल, प्रदूषण आदि) अपने जगह ठीक हैं, लेकिन इन्हें वंदे मातरम से नहीं जोड़ा जा सकता। वंदे मातरम लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। वंदे मातरम का जाप करते हुए लाखों लोगों ने अपनी मातृभूमि के लिए बलिदान दिया। क्या आज हम इसे जल और अन्य मुद्दों से जोड़ेंगे?’’
इस पर कांग्रेस के सदस्य आपत्ति जताते हुए अपने स्थानों पर खड़े हो गए।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विज ने आरोप लगाया कि उन्होंने वंदे मातरम को वह स्थान कभी नहीं दिया जिसका वह हकदार था।
उन्होंने कहा, ‘‘आपने (मोहम्मद अली) जिन्ना के कहने पर वंदे मातरम के दो अंतरे काट दिए थे।’’
हस्तक्षेप करते हुए, विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने याद दिलाया कि वह स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम एक राष्ट्र गीत है और विज को उन्हें यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि इसका सम्मान कैसे बनाए रखा जाए।
हुडा ने पूछा कि क्या वे (भाजपा के नेता) हमें वंदे मातरम का अर्थ सिखाएंगे?
उन्होंने कहा कि 1950 में संविधान सभा द्वारा अपनाए गए राष्ट्र गीत का सम्मान किया जाना चाहिए और इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन से कहा कि विज ने केवल इतना ही कहा था कि राष्ट्र गीत को प्रदूषण और अन्य मुद्दों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
सैनी ने कहा कि वंदे मातरम ने हमें नया मार्ग दिखाया और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा का संचार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर हुई चर्चा राष्ट्र गीत के प्रति इस सदन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सदन में विज और कुछ कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।
कांग्रेस सदस्य बी.बी. बत्रा ने भाजपा सदस्य द्वारा 1975 के आपातकाल के संबंध में की गई कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई।
भाषा राजकुमार