उत्तराखंड: रिजॉर्ट निर्माण के लिए भू उपयोग परिवर्तन के बिना कृषि भूमि के इस्तेमाल को मंजूरी
शोभना
- 10 Dec 2025, 09:53 PM
- Updated: 09:53 PM
देहरादून, 10 दिसंबर (भाषा) उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने राज्य में पर्यटन विकास के मद्देनजर रिजॉर्ट निर्माण के लिए भू-उपयोग परिवर्तन के बिना कृषि भूमि के इस्तेमाल के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि राज्य में पर्यटन विकास की संभावना के दृष्टिगत ‘इको-रिजॉर्ट’ की भांति अब रिजॉर्ट निर्माण के लिए भी भू-उपयोग परिवर्तन के बिना कृषि भूमि के उपयोग को मंजूरी दे दी गयी है।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही रिजॉर्ट निर्माण के वास्ते पहुंच मार्ग की चौड़ाई के मानकों को भी घटा दिया गया है। पर्वतीय क्षेत्र के लिए यह मानक छह मीटर और मैदानी क्षेत्र के लिए नौ मीटर कर दिया गया है।
एक अन्य निर्णय में, राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025 को मंजूरी दे दी जिसके तहत छोटे अपराधों के लिए कारावास को समाप्त कर उसकी जगह मौद्रिक दंड बढ़ा दिया जाएगा ।
केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के क्रम में राज्य में नए भवनों के निर्माण में ‘ग्रीन बिल्डिंग’ के मानकों को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त फर्श क्षेत्र अनुपात (एफएआर) दिए जाने तथा राज्य में भवन निर्माण की वर्तमान नीति युक्तिसंगत किए जाने के प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी।
राज्य मंत्रिमंडल ने उधमसिंह नगर जिले की सितारगंज तहसील में कल्याणपुर में भूमिहीनों, आपदा या अन्य कारणों से विस्थापित खेतिहर मजदूरों को आवंटित भूमि के विनियमितीकरण के वास्ते 2016 के सर्किल रेट को एक वर्ष के लिए 2004 के सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित किए जाने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन दे दिया गया । इससे लोग अपनी भूमि को विनियमित करा सकेंगे तथा भूमि का मालिकाना हक मिलने से उन्हें ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकेंगे।
मंत्रिमंडल ने देहरादून शहर में यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्रस्तावित ‘रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड’ परियोजनाओं के लिए जीएसटी एवं परियोजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सामग्री पर देय रॉयल्टी पर छूट देने का निर्णय लिया।
मंत्रिमंडल ने बीएस-1 और बीएस-2 प्रकार के परिवहन और गैर परिवहन वाहनों को स्क्रैप किए जाने की स्थिति में समान श्रेणी के नये वाहनों के पंजीयन के समय मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट प्रदान किये जाने का भी निर्णय लिया है ।
राज्य विश्वविद्यालयों एवं शासकीय तथा अनुदानित महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क आन लाईन कोचिंग के वास्ते मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के संचालन को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
भाषा दीप्ति